निकाय चुनाव: आचार संहिता के चलते लगी घोषणा पर रोक, पुलिसकर्मियों की उम्मीदों पर फिरा पानी
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शासन ने काफी जद्दोजहद के बाद इसे बढ़ाने की हामी तो भर ली थी, लेकिन निकाय चुनाव की आचार संहिता के चलते सीएम की तरफ से इसकी घोषणा संभव नहीं है। ऐसे में पुलिस और पीएसी के जवानों को अभी और इंतजार करना पडे़गा।
यूपी के मुकाबले उत्तराखंड पुलिस का आहार भत्ता काफी कम हैं। उत्तराखंड पुलिस को प्रति माह 1500 रुपये का पौष्टिक आहार के लिए भत्ता मिलता है।
कई दौर की बातचीत के बाद शासन ने भी हामी भर दी थी
सालों से इस धनराशि में वृद्धि नहीं हुई, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस को 2500 रुपये प्रति माह भत्ता मिलता हैं। पैरा मिलिट्री फोर्स में आहार भत्ता 2936 रुपये निर्धारित हैं। इसी तरह उत्तराखंड में पीएसी जवानों को बाहरी ड्यूटी के दौरान बीस रुपये का मासिक भत्ता मिलता है। इसके सापेक्ष यूपी में पीएसी जवानों को 100 रुपये का अतिरिक्त भत्ता मिल रहा हैं।
आला अफसर कई माह से 21 अक्तूबर को होने वाली स्मृति परेड पर पुलिस का पौष्टिक आहार भत्ता और पीएसी का भत्ता बढ़ाने की घोषणा कराने के प्रयासों में जुटे थे। पुलिस मुख्यालय ने शासन को इस बारे में प्रस्ताव भी दिया था। पहले तो वित्तीय संकट बताकर शासन इसके लिए तैयार नहीं था।
कई दौर की बातचीत के बाद शासन ने भी हामी भर दी थी। माना जा रहा था कि स्मृति परेड को दौरान सीएम इसकी विधिवत घोषणा करेंगे। अब निकाय चुनाव की आचार संहिता के चलते स्मृति परेड में किसी तरह की घोषणा हो पाना संभव नहीं हैं। पौष्टिक आहार और भत्ता बढ़ने का इंतजार कर रहे पुलिस और पीएसी के जवानों को झटका लगा हैं। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को हुई अफसरों की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहा।