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500 लोगों के लिए सात बाई चार के दो तंबू
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 04 Jan 2014 10:08 AM IST
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दिल छोटा हो तो बड़ा काम कैसे करेंगे। यह बात शहर के सैकड़ों बेघरों को छत देने के मामले में सच साबित हो रही है।
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शुक्रवार को जिला प्रशासन और नगर निगम ने परेड ग्राउंड में सात बाई चार के दो तंबू लगाकर बेघरों को छत देने के मुख्यमंत्री के आदेश के पालन की खानापूर्ति कर ली।
मुश्किल से छह आदमी सो सकते हैं
शहर में करीब 500 लोग फुटपाथ पर रात बिताते हैं। उनके लिए शहर में केवल दो रैन बसेरे हैं, जहां मुश्किल से 60 लोग ही सो पाते हैं। बाकी के लिए तंबू बनाए गए हैं, जिसमें मुश्किल से छह आदमी सो सकते हैं। शेष कहां जाएं यह बड़ा सवाल है।
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नगर निगम का दावा है कि शनिवार तक निरंजनपुर सब्जी मंडी और आईएसबीटी के पास भी रैन बसेरा बना दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को शहर का दौरा कर जिला प्रशासन से सभी बेघरों को छत के नीचे रात में सुलाने का आदेश दिया था।
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बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने आनन फानन में बेघरों को विक्रमों में भरा और नगर निगम के रैन बसेरा में छोड़ दिया। लेकिन वहां सभी को जगह ही नहीं मिली।
शुक्रवार को शासन ने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इसके बाद शाम को परेड ग्राउंड पर सात बाई चार के दो तंबू लगा दिए गए। मुख्य नगर अधिकारी अशोक कुमार ने बताया सभी के लिए व्यवस्था की जा रही है।
ये जाने को तैयार नहीं
दून अस्पताल के बाहर रहने वाले बेघर रैन बसेरा में जाने को तैयार नहीं हैं। जबकि प्रशासन ने उन्हें कई बार रैन बसेरा पहुंचाने की कोशिश की।
दरअसल, सभी भिखारियों ने अपनी-अपनी जगह तय कर रखी है। दिन में जहां बैठकर भीख मांगते हैं रात को वहीं सो जाते हैं। उन्हें डर रहता है कि यदि वह रात में कहीं चले गए तो सुबह उनकी जगह पर कोई और कब्जा कर लेगा।
अलाव है अच्छा विकल्प
शहर में इस समय सभी प्रमुख चौराहों पर अलाव जल रहे हैं। हालांकि सभी अलाव नगर निगम के नहीं हैं। कुछ पुलिस ने जलाए हैं तो कुछ व्यापारियों ने व्यवस्था कर रखी है।
नगर निगम ने अलाव की व्यवस्था आईएसबीटी, घंटाघर, एस्लेहाल, दून अस्पताल चौक, रिस्पना चौक पर की है।
डीएम ने रैन बसेरों में अलाव के निर्देश दिए
जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ठंड में बेसहारा लोगों को रैन बसेरों में पहुंचाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रैन बसेरों में अलाव की व्यवस्था की जाए। कहा कि भीख मांगने वाले बच्चों को पकड़कर आश्रय गृह पहुंचाया जाए। इस काम के लिए होमगार्ड तैनात किए जाएं।
डीएम ने बैठक में कहा कि अक्सर कनक चौक, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, प्रिंस चौक, भंडारी बाग, सब्जी मंडी, गढ़ी कैंट और डाकरा में असहाय लोग रात में सड़क किनारे सोते हैं।
ठंड में इन लोगों की जान को खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात में इन क्षेत्रों का भ्रमण करें और अगर कोई सोता हुआ पाया जाता है तो उसे रैन बसेरा में भेजें।