फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   NHM workers warned of agitation if the demand was not met

मांग पूरी न होने पर एनएचएम कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Fri, 07 Oct 2022 12:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 12:45 AM IST
सार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों के पूरा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। एचआर पॉलिसी बनाने व हरियाणा की तर्ज पर एनएचएम के संविदा कर्मियों को बढ़ा हुआ ग्रेड वेतनमान देने, टर्म व लाइफ इंश्योरेंस के लिए स्वीकृत बजट के अनुसार बीमा कराने, उपनल कर्मियों की भांति पांच फीसदी वार्षिक वृद्धि का लाभ देने, महिला कार्मिकों को मातृत्व अवकाश का समुचित लाभ देने व जिन कार्मिकों की ईपीएफ कटौती होती है उनके खातों में तत्काल ईपीएफ जमा करने और 15 हजार से अधिक के मासिक वेतन पर कार्मिकों के लिए ईपीएफ का प्रावधान किया जाए। इस मौके पर डॉ. अमरिंदर, विनोद पैन्यूली, मनीष तोमर आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
NHM workers warned of agitation if the demand was not met

विस्तार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों के पूरा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को एनएचएम कर्मचारियों ने मिशन निदेशक को पत्र भी लिखा।
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी और महासचिव हर सिंह रावत्र ने कहा कि गत 14 सितंबर को सचिवालय में कर्मचारियों और स्वास्थ्य सचिव के बीच हुई वार्ता व मांगों पर सहमति के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया था। कर्मचारियों ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने पर फिर से चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। कहा कि एनएचएम में आउटसोर्स की व्यवस्था खत्म कर जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति करने के अनुबंध का नवीनीकरण किया जाए। एचआर पॉलिसी बनाने व हरियाणा की तर्ज पर एनएचएम के संविदा कर्मियों को बढ़ा हुआ ग्रेड वेतनमान देने, टर्म व लाइफ इंश्योरेंस के लिए स्वीकृत बजट के अनुसार बीमा कराने, उपनल कर्मियों की भांति पांच फीसदी वार्षिक वृद्धि का लाभ देने, महिला कार्मिकों को मातृत्व अवकाश का समुचित लाभ देने व जिन कार्मिकों की ईपीएफ कटौती होती है उनके खातों में तत्काल ईपीएफ जमा करने और 15 हजार से अधिक के मासिक वेतन पर कार्मिकों के लिए ईपीएफ का प्रावधान किया जाए। इस मौके पर डॉ. अमरिंदर, विनोद पैन्यूली, मनीष तोमर आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed