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एनएच-74 मुआवजा घोटाला: तीन और आईएएस अफसरों के नाम घोटाले से जुड़े

Fri, 17 Aug 2018 07:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 17 Aug 2018 07:23 PM IST
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NH 74 scam three ias officer name in investigation
घोटाला - फोटो : amar ujala

एनएच-74 घोटाले के दौरान ऊधमसिंह नगर में अलग-अलग वक्त पर बतौर एसडीएम तैनात रहे तीन आईएएस अफसरों के नाम इस मामले से जुड़े होने की चर्चाओं से शासन में खलबली मच गई है।

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अहम बात यह भी है कि इन तीनों में से किसी का नाम भी एसआईटी की जांच रिपोर्ट में अब तक नहीं आया है। इन तीन अफसरों में से वर्तमान में एक राज्य के अहम प्राधिकरण में उपाध्यक्ष है, दूसरा एक नगर निगम में नगर आयुक्त और तीसरा अफसर एक जिले का डीएम बताया जाता है। 
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एसआईटी की रिपोर्ट शासन को मिलने के बाद से एक के बाद एक नई जानकारियां सामने आ रही हैं। डॉ. पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के बाद तीन और आईएएस अधिकारियों के नाम घपले से जुड़े होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि ये तीनों ही आईएएस अफसर जून-2013 से मई-2016 की अवधि में ऊधमसिंह नगर जिले में बतौर एसडीएम तैनात रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैक डेट यानी धारा तीन के प्रकाशन के बाद 143 की जितनी भी कार्रवाई की गई, उनके परवाने 2013 से 2016 के बीच जारी किए गए। जबकि नियमानुसार परवाना 143 (भूमि की प्रस्थिति में परिवर्तन) की कार्रवाई पूरी होने के 90 दिनों के भीतर किया जाना होता है। मगर यहां परवाना बाद में जारी किए गए।
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सूत्रों के मुताबिक इन तीनों के नाम एसआईटी रिपोर्ट में नहीं आए हैं। अब इन तीन अफसरों की भूमिका की जांच को लेकर दबी जुबान में आवाज उठ रही है। ताजा घटनाक्रम से शासन में खलबली मची हुई है। गौरतलब है कि एनएच-74 घोटाले में अब तक आठ पीसीएस अफसरों सहित 22 अधिकारी/कर्मचारी जेल जा चुके हैं। इतना ही नहीं, दो आईएएस अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।


अभियोजन की अनुमति की तैयारी शुरू
आईएएस अफसर डॉ. पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव का बयान लेने के बाद एसआईटी अपनी जांच को तेजी से समाप्त करने में जुट गई है। इस क्रम में निबंधन विभाग के रजिस्ट्रार और कुछ वकीलों के बयान लिए जाने हैं। इसके बाद दोनों आईएएस के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा जाना है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर यह पत्र शासन को भेजा जा सकता है।

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