NH-74 घोटाला: ईडी ने जब्त की 11.62 करोड़ की अचल संपत्ति, पांच बैंक खातों को भी किया सीज
- मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई, एक ही परिवार के छह किसानों और एक पेपर मिल की संपत्ति अटैच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में एनएच-74 के लिए भूमि अधिग्रहण में करोड़ों रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक ही परिवार के छह किसानों और एक पेपर मिल की 11.62 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है। वहीं, आरोपियों के पांच बैंक खाते भी सीज किए हैं।
एनएच घोटाले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने वर्ष 2018 में राजस्व अधिकारी डीपी सिंह, अनिल शुक्ला समेत मुआवजा लेने वाले किसानों के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था।
घोटाले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ईडी ने एक ही परिवार के छह किसानों और पेपर मिल की 11.62 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। पांच बैंक खाते भी सीज किए गए हैं।
ऊधमसिंह नगर निवासी आरोपी किसान बलवंत सिंह, बरिंद्र सिंह, रमेश कुमार, विक्रमजीत सिंह, मनजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह और फिब्रेमार्क्स पेपर मिल के जसदीप सिंह गोराया की कृषि भूमि, औद्योगिक भूमि, कॉमर्शियल प्लाट, भवन समेत कुल 23 अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है। जिनकी कीमत 11.62 करोड़ है।
इतने करोड़ रुपये किए ट्रांसफर
ईडी के अनुसार बलवंत सिंह और बरिंद्र सिंह ने भूमि मुआवजे के रूप में मिले नौ करोड़ और हरजिंद्र सिंह ने एक करोड़ की राशि को जसदीप सिंह गोराया और महक कौर ने बैंक खाते में ट्रांसफर किया है। इस राशि को पेपर मिल में लिया है। रमेश कुमार ने मुआवजा राशि को परिवार के सदस्य के नाम से फिक्स डिपॉजिट किया था।
215 करोड़ का भूमि अधिग्रहण घोटाला
एनएच-74 घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी की चार्जशीट में 215.11 करोड़ का घोटाला पाया गया है। जिसमें किसानों को निर्धारित रेट से कई गुना अधिक मुआवजे का भुगतान किया गया।