फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   next year will be the salvation of Kedar Temple

अगले बरस ही होगा केदार मंदिर का 'उद्धार'

Thu, 26 Sep 2013 01:22 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 26 Sep 2013 01:22 AM IST
विज्ञापन
next year will be the salvation of Kedar Temple

केदार मंदिर का उद्धार अब अगले साल ही हो सकेगा। केदारधाम का दौरा कर के लौटी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने यह साफ कर दिया है।

विज्ञापन


उसकी मानें तो अभी केवल डाक्यूमेंटेशन ही हो जाए तो बड़ी बात होगी। अभी ड्राइंग बनाई जा रही हैं। इसके बाद प्रिंटिंग होगी। इंस्ट्रूमेंट्स भी अभी पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन


पढ़ें, मसूरी में 3 साल की मासूम से दुष्कर्म, हंगामा
विज्ञापन
विज्ञापन


मौसम के चलते देरी
कुछ केमिकल से जुड़ा काम हुआ है, लेकिन जितने समय की जरूरत मंदिर में पूरी तरह दागों को हटाने के लिए चाहिए, वह अभी मिल पाना संभव नहीं। अब टीम खुद अगले सीजन में काम की बात कह रही है।


इसकी वजह सीधे-सीधे मौसम है। वहां खासी ठंड हो रही है। टीम की मानें तो आने वाले तकरीबन 15 दिन बाद काम करना मुश्किल हो जाएगा।

पढ़ें, ना मोदी ना राहुल, केदार के लोग करेंगे 'बहिष्कार'

200 मीटर की दूरी पर मंदाकिनी
मंदिर के आस-पास पानी के ब्लाकेज और चैनल्स की स्थिति का निरीक्षण करने केबाद एएसआई (दून सर्किल) के अधीक्षण पुरातत्वविद् अतुल भार्गव ने मंदाकिनी के कोर्स बदलने की बात उजागर की है, जो अब मंदिर के बाईं ओर 200 मीटर की दूरी पर बहने लगी है।

मंदिर के भीतर कितने हिस्से की प्रिंटिंग हो, यह भी एक सवाल है, क्योंकि इसका काफी पुराना हिस्सा आपदा की भेंट चढ़ चुका है। बकौल भार्गव चैनल्स को दुरुस्त करने के कार्य में सिंचाई विभाग की मदद की जरूरत है।

पुरातात्विक दृष्टि से यह नुकसान
पुरातात्विक दृष्टि से देखा जाए तो हंस कुंड ईशानेश्वर प्रतिमा, रेचक कुंड का नुकसान बड़ा है। एएसआई के लिए इसे पुनर्स्थापित किया जाना बड़ी चुनौती होगा।

पढ़ें, कमरे में बंद है 'एंटीक' मूर्तियां, नहीं है देखने की इजाजत

प्लेटफार्म बनने में दो साल और...
वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों की मानें तो केदारनाथ मंदिर परिसर में फैले बोल्डरों से छेड़-छाड़ न तो अभी संभव है और न हो पाएगी। प्लेटफार्म बनने की बात की जा रही है, लेकिन उसमें भी अभी दो साल से अधिक लग जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed