IAS ऑफिसर के स्टिंग मामले में न्यूज चैनल के सीईओ उमेश कुमार गिरफ्तार, पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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मुख्यमंत्री का स्टिंग न कर पाने पर पत्रकार को धमकी देने के मामले में एक चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके घर से लगभग 40 लाख रुपये नकद, 16 हजार अमेरिकी डॉलर, 11 हजार थाई करेंसी भात और दर्जनों स्टिंग की रिकॉर्डिंग बरामद की गई हैं।
बताया जा रहा है कि उसने मुख्यमंत्री के एक करीबी का स्टिंग किया था, जिसके बाद वसूली में यह रकम प्राप्त की थी। उमेश कुमार शर्मा को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। रंगदारी के इस मामले में आयुर्वेद विवि के कुलसचिव (निलंबित) मृत्युंजय मिश्रा समेत चार अन्य भी मुल्जिम हैं।
मुकदमा राजपुर थाने में बीती 10 अगस्त को चैनल के ही पत्रकार आयुष गौड़ की तहरीर पर दर्ज किया गया था। गौड़ का आरोप है कि उमेश शर्मा राजनेताओं और अधिकारियों का स्टिंग करता है, लेकिन ये खबरें चैनल पर प्रसारित नहीं होती।
बल्कि, उन पर दबाव डालकर मोटी रकम वसूली जाती है। वह लगातार गौड़ पर भी कुछ अधिकारियों व मुख्यमंत्री का स्टिंग करने का दबाव बना रहा था। इसी क्रम में उमेश शर्मा ने इसी साल 12 जनवरी को गौड़ को विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड के अधिकारी व राजनेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
शर्मा ने गौड़ से कुछ टेंडर हासिल करने की बात कहते हुए अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश का स्टिंग करने को कहा। शर्मा ने कहा कि आठ फरवरी को मृत्युंजय मिश्रा उसे अपर सचिव ओमप्रकाश से मिलवाएंगे।
उसने गौड़ को वहां कुछ पैसे लेकर जाने और बातचीत में ही अपर मुख्य सचिव को पैसे देने को कहा। इसके लिए गौड़ को कुछ खुफिया कैमरे भी दिए गए। तय तिथि पर गौड़ की मिश्रा से मुलाकात हुई और मुख्यमंत्री से मुलाकात का वक्त भी तय हो गया।
गौड़ ने पुलिस को बताया कि लगभग एक माह तक बातचीत और मुलाकात होती रहीं, लेकिन यह तय नहीं हुआ कि कोई अधिकारी या राजनेता पैसे की मांग कर रहा है। तय वक्त पर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात नहीं हो पाई। लिहाजा उसने स्टिंग नहीं किया। इसके बाद उमेश कुमार शर्मा ने स्टिंग की जिम्मेदारी राहुल भाटिया को सौंप दी। इसके बाद गौड़ और राहुल भाटिया को पांच मई को सीएम आवास पर स्टिंग के लिए भेजा गया।
बावजूद इसके वह कोई स्टिंग नहीं कर पाए। इस बात का जब उमेश को पता चला तो उसने गौड़ को धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं उसने अपने रुतबे और पैसे की हनक दिखाते हुए उसे गायब कराने की बात भी कही।
इस शिकायत के आधार पर उमेश कुमार शर्मा, मृत्युंजय मिश्रा, राहुल भाटिया निवासी पनाष वैली सहस्रसधारा रोड, चैनल के ही पत्रकार व उमेश के भांजे प्रवीण और सौरभ दोनों निवासी गाजियाबाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 386 (जान का भय दिखाकर वसूली करना), 388 (जेल भेजने का डर दिखाकर वसूली करना) और 120बी (आपराधिक षडयंत्र) के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शनिवार को पुलिस न्यायालय से उमेश कुमार शर्मा के खिलाफ गैर जमानती और घर का सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद कर उसे गाजियाबाद स्थित उसके घर (टावर नंबर 19, फ्लैट नंबर 19241, इंदिरापुरम) से गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में उसके घर से कई फोन, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, आईपैड, लैपटॉप, 39.73 लाख रुपये, 16279 अमेरिकी डॉलर, 11030 थाई भात बरामद हुए। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उधर, पुलिस की हिरासत में होने के कारण उमेश कुमार शर्मा का पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया। जब भी उनका पक्ष प्राप्त होगा उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।