टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में डेढ़ महीने के बच्चे की मौत, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के विकासनगर में ग्राम पंचायत जीवनगढ़ में वैक्सीनेशन के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में डेढ़ माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एएनएम ने बुखार में ही बच्चे को वैक्सीन लगा दी। इससे बच्चे की मौत हुई है। टीकाकरण के बाद हुई मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
सीएचसी विकासनगर प्रभारी डॉ. केके शर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों के एक पैनल ने गांव पहुंच घटना की जानकारी जुटाई। उन्होंने बच्चे को लगाई वैक्सीन और परिजनों द्वारा दी जा रही बुखार की दवा को सीज कर दिया।
मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए टीम ने परिजनों से बच्चे के पोस्टमार्टम की बात कही, जिसे परिजनों ने ठुकरा दिया। इसके बाद टीम ने शव परिजनों को सौंप दिया। स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी मौके पर पहुंच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार जीवनगढ़ चौराहा निवासी जावेद के डेढ़ माह के शिशु को बीते कुछ दिन से बुखार था। उसका इलाज विकासनगर स्थित बाल रोग विशेषज्ञ के यहां चल रहा था। बीते बृहस्पतिवार को परिजन शिशु को ओपीवी-1 और पेंटा-1 टीकाकरण के लिए एएनएम सेंटर लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण से पूर्व परिजनों ने एएनएम को बच्चे को बुखार होने की बात बताई थी। इस पर एएनएम ने टीकाकरण से बच्चे को कोई भी नुकसान न होने की बात कह टीका लगा दिया।
आरोप लगाया कि टीकाकरण के बाद देर रात को बच्चे की तबियत बिगड़ गई। बच्चे की नाक से खून निकलने लगा। उसका शरीर नीला पड़ गया। इसके कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. केके शर्मा का कहना है कि क्षेत्र के करीब 16 बच्चों को वही वैक्सीन दी गई है, जो मृत शिशु को दी गई थी। ऐसे में बच्चे की मौत दवाई के कारण हुई है यह साफ-साफ नहीं कहा जा सकता।
बच्चे के परिजनों ने पोस्टमार्टम की बात को ठुकरा दिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच करने पहुंची टीम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उत्तम सिंह चौहान, बाल रो विशेषज्ञ डॉ. विजय सिंह शामिल रहे।
पिता ने की हाथ की नस काटने की कोशिश
बच्चे की मौत से उसका पिता जावेद इतना टूट गया कि उसने ब्लेड से अपने हाथ की नस काटने की कोशिश तक कर डाली, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। जावेद का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व ही उसके बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन पल भर में ही उसकी सारी खुशियां मातम में बदल गई। वहीं, मां रुखसार का रो-रोकर बुरा हाल है।