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'जंगल में मंगल' करने वालों की खैर नहीं
अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Wed, 25 Dec 2013 09:12 PM IST
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इस साल की विदाई और नए साल के जश्न के लिए जंगलों का रुख करना महंगा पड़ सकता है। जंगल में पार्टी करने वालों पर वन विभाग की कड़ी नजर रहेगी। बिना अनुमति के रिजर्व फॉरेस्ट में घुसने वालों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
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वन विभाग ने जंगलों में नए साल का धूम-धड़ाका और पार्टी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस तरह की गतिविधियां रोकने के लिए रेंज अधिकारियों की विशेष टीम बनाकर गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पार्टी करने वालों पर होगी नजर
ये टीमें नए साल में सैर सपाटा और पार्टी करने वालों पर नजर रखेगी। कोटद्वार, लालढांग, कोटड़ी रेंज में हर साल नए साल के मौके पर बड़ी संख्या में बाहर से लोग आते हैं।
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जंगलों में पार्टी के आयोजन से जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वहीं वन्यजीवों के शिकार की भी आशंका बनी रहती है।
बंगलों भी निशाने पर
यही नहीं वन क्षेत्रों में मौजूद ज्यादातर बंगले भी पहले ही बुक हो जाते हैं। इन लोगों पर भी वन विभाग की नजर रहेगी।
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वन अधिकारियों के अनुसार लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत जंगलात के कोल्हूचौड़, कोटड़ी रेंज, दुगड्डा और कोटद्वार के बंगले हैं, जहां बड़ी संख्या में सैलानी नए साल का जश्न मनाने के लिए आते हैं।
इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग और जीएमवीएन के बंगलों और होटलों में ठहरते हैं। ज्यादातर की पसंद जंगल के बीच के बंगले और आसपास के क्षेत्रों के रिसॉर्ट होते हैं।
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वन विभाग ने जंगलों में नए साल का धूम-धड़ाका और पार्टी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस तरह की गतिविधियां रोकने के लिए रेंज अधिकारियों की विशेष टीम बनाकर गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पार्टी करने वालों पर होगी नजर
ये टीमें नए साल में सैर सपाटा और पार्टी करने वालों पर नजर रखेगी। कोटद्वार, लालढांग, कोटड़ी रेंज में हर साल नए साल के मौके पर बड़ी संख्या में बाहर से लोग आते हैं।
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जंगलों में पार्टी के आयोजन से जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वहीं वन्यजीवों के शिकार की भी आशंका बनी रहती है।
बंगलों भी निशाने पर
यही नहीं वन क्षेत्रों में मौजूद ज्यादातर बंगले भी पहले ही बुक हो जाते हैं। इन लोगों पर भी वन विभाग की नजर रहेगी।
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वन अधिकारियों के अनुसार लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत जंगलात के कोल्हूचौड़, कोटड़ी रेंज, दुगड्डा और कोटद्वार के बंगले हैं, जहां बड़ी संख्या में सैलानी नए साल का जश्न मनाने के लिए आते हैं।
इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग और जीएमवीएन के बंगलों और होटलों में ठहरते हैं। ज्यादातर की पसंद जंगल के बीच के बंगले और आसपास के क्षेत्रों के रिसॉर्ट होते हैं।