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इस गांव के लिए बेहद खास होगा नया साल, इनकी मेजबानी को लेकर छाई हुई है खुशी
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
Updated Wed, 29 Nov 2017 07:51 AM IST
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आने वाला साल इस गांव के लिए बेहद खास होगा। नये साल में गांव के लोगों को खास तरह की मेजबानी का मौका मिलने वाला है, जिससे यहां लोग बेहद उत्साहित है।
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आने वाला साल खत कोटा-तपलाड़ के लिए खास होने वाला है। करीब 150 साल के बाद खत में चालदा देवता का आगमन होगा। जिसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है हालांकि, देवता साल के मध्य में यानी जून में खत में प्रवेश करेंगे।
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जौनसार बावर क्षेत्र हमेशा से ही अपनी अनूठी संस्कृति के लिए जाना चाहता है। मान्यता है कि आज भी इस धरती पर देवता अवतरित होते हैं। ऐसे में करीब 150 साल बाद कोटा-तपलाड़ के लोगों को देव मेजबानी का मौका मिलने जा रहा है।
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अभी देवता की पालकी नराया गांव में प्रवास कर रही है। गांव में दो वर्ष पूर्ण होने के बाद अब देव पालकी ने अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए खत कोटा-तपलाड़ में प्रवेश करने की इच्छा व्यक्त की है।
जौनसार क्षेत्र के 24 खतों में बारी-बारी से जाती है देव पालकी
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मंगलवार को लोगों ने देव पालकी के आगमन को लेकर विचार-विमर्श किया। निर्णय लिया गया कि देव पालकी 15 जून 2018 को नराया गांव से कोटा के लिए प्रस्थान करेगी। 16 जून को देव पालकी रंगेऊ पहुंचेगी। जहां से ढोल-नगाड़ों के बीच 17 जून को देव पालकी को कोटा गांव में प्रवेश कराया जाएगा।
पं. रमेश जोशी ने बताया कि चालदा देवता की पालकी हमेशा चलायमान रहती है। जो जौनसार क्षेत्र के 24 खतों में बारी-बारी से जाती है। देव इच्छा के अनुरूप पालकी को एक खत से दूसरे खत में ले जाया जाता है। ऐसे में करीब 150 साल बाद फिर से कोटा तपलाड़ खत को देव मेजबानी का मौका मिल रहा है।
इस मौके पर पं. रमेश जोशी, पं. टीकाराम जोशी, पं. नारायण चंद्र जोशी, अमर सिंह, वीरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, चमन सिंह, टीकम सिंह चौहान, लाखीराम चौहान, अजब सिंह नेगी, प्रताप सिंह तोमर, सत्यपाल, जवाहर सिंह, दीवान सिंह, बहादुर सिंह, रजनेश माला, टीकाराम जोशी, भगत सिंह तोमर, खजान सिंह, नारायण सिंह, विजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पं. रमेश जोशी ने बताया कि चालदा देवता की पालकी हमेशा चलायमान रहती है। जो जौनसार क्षेत्र के 24 खतों में बारी-बारी से जाती है। देव इच्छा के अनुरूप पालकी को एक खत से दूसरे खत में ले जाया जाता है। ऐसे में करीब 150 साल बाद फिर से कोटा तपलाड़ खत को देव मेजबानी का मौका मिल रहा है।
इस मौके पर पं. रमेश जोशी, पं. टीकाराम जोशी, पं. नारायण चंद्र जोशी, अमर सिंह, वीरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, चमन सिंह, टीकम सिंह चौहान, लाखीराम चौहान, अजब सिंह नेगी, प्रताप सिंह तोमर, सत्यपाल, जवाहर सिंह, दीवान सिंह, बहादुर सिंह, रजनेश माला, टीकाराम जोशी, भगत सिंह तोमर, खजान सिंह, नारायण सिंह, विजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।