उम्मीदें 2020: उत्तराखंड में विकास का रोड मैप तैयार, 15 हजार करोड़ की योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
नए साल में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार से प्रदेश की जनता को कई उम्मीदें हैं। 17 मार्च 2020 को त्रिवेंद्र सरकार तीन साल पूरे कर लेगी। तीन सालों के दौरान प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास का जो रोड मैप तैयार किया, इस साल उसे जमीन पर उतारने की तैयारी है।
प्रदेश सरकार वाह्य सहायतित योजना के तहत अब तक 15 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत करा चुकी है। इस साल इन योजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है। सचिव (नियोजन) अमित सिंह नेगी के मुताबिक, ‘ये सभी योजनाओं से अवस्थापना विकास में मदद मिलेगी और शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी, बिजली और स्वास्थ्य की सुविधाओं में सुधार होगा।’
त्रिवेंद्र सरकार ने नौकरी देने और पहाड़ से हो रहे पलायन को रोकने का बीड़ा उठाया है। दोनों ही जटिल पहेलियों को हल करने के लिए सरकार ने कार्य योजना तैयार की हैं। ये साल इन कार्ययोजनाओं पर काम करने का भी होगा।
शुरू होगी 5000 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया
वाह्य साहयतित योजना के तहत स्वीकृत जमरानी बांध व सौंग बांध परियोजनाओं के निर्माण के अलावा स्मार्ट सिटी, शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजना के तहत नई पेयजल योजनाओं का निर्माण, नमामि गंगे योजना के तहत शेष कार्यों को पूरा कराने को इस साल 5000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया आरंभ होगी। 1400 करोड़ की स्मार्ट सिटी योजना के तहत 1000 करोड़ रुपये के टेंडर की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है और नए साल में इस योजना पर काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
बदल जाएंगे चारधाम के सारे शौचालय
पर्यटन विभाग ने चारधाम के सारे शौचालय पूरी तरह से बदल डालने की तैयारी कर ली है। पर्यटन सीजन आरंभ होने से पहले चारों धामों के शौचालयों की शक्ल सूरत और सुविधाएं एकदम बदली बदली होंगी।
मसूरी देहरादून रोपवे पर शुरू होगा काम
400 करोड़ रुपये से मसूरी देहरादून रोपवे परियोजना पर इस साल काम शुरू हो जाएगा। इस रोपवे के बनने से पर्यटन के क्षेत्र में काफी बदलाव आने की उम्मीद है। साथ ही टिहरी बांध के सौंदर्यीकरण की योजनाएं भी नए साल में धरातल पर दिखेंगी।
600 करोड़ के पुल मार्च तक होंगे तैयार
- आपदा में क्षतिग्रस्त हुए करीब 600 करोड़ रुपये के पुलों का निर्माण मार्च तक पूरा हो जाएगा। 800 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत 200 करोड़ रुपये के पुलों का निर्माण पहले ही हो चुका है।
मार्च में खुल जाएगा डोबरा चांठी
नए साल में टिहरी जनपद के लोगों को डोबरा चांठी पुल की सौगात मिल जाएगी। पिछले कई सालों से इस पुल के निर्माण का इंतजार हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने मार्च महीने में इस सस्पेंशन पुल को खोलने का लक्ष्य बनाया है। करीब 150 करोड़ रुपये लागत से तैयार ये पुल देश का सबसे लंबा झूला पुल है।
आलवेदर और रेल परियोजना भी पकड़ेगी जोर
चारधाम आल वेदर रोड परियोजना का काम इस साल ज्यादा तेजी पकड़ेगा। 889 किमी की इस परियोजना पर 220.66 किमी की अनुमति मिल चुकी है। भूमि अधिग्रहण कार्य भी तकरीबन पूरा है। 393.98 किमी तक के 21 प्रस्ताव मंजूर किए जा चुके हैं। इस 4371.87 करोड़ खर्च होने हैं। अब 973 करोड़ के छह प्रोजेक्ट पर्यावरणीय कारणों की वजह से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। वहीं ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्य में भी तेजी से शुरू हो गया है। परियोजना के भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। ऋषिकेश में रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू है।
महाकुंभ और राष्ट्रीय खेल बड़ी चुनौती
- 2021 में प्रदेश सरकार को महाकुंभ और राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करना है। यह दोनों आयोजन काफी अहम है। इसी साल महाकुंभ के 1000 करोड़ रुपये के कार्यों को जमीन पर उतारना है। राष्ट्रीय खेलों के लिए करीब 400 करोड़ रुपये से खेल अवस्थापना व्यवस्थाएं तैयार हो रही है। इन दोनों ही कार्यों को हर हाल में इस साल पूरा कराना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।