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नई पर्यटन नीति से चमकेंगे उत्तराखंड के ट्राइबल एरिया
विपिन बनियाल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 03 Oct 2017 03:13 PM IST
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ‘अमर उजाला’ से इसकी पुष्टि की
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उत्तराखंड के ट्राइबल एरिया अपने आप में बहुत कुछ ऐसा समेटे हैं, जिसे देश-दुनिया देखना और जानना चाहती है। उत्तराखंड सरकार इस बात को बेहद शिद्दत से महसूस कर रही है।
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इसी सोच के साथ सरकार नई पर्यटन नीति में ट्राइबल एरिया को चमकाने का ताना-बाना बुन रही है। नई पर्यटन नीति में सरकार ऐसी कई व्यवस्था कर सकती है, जिससे ट्राइबल एरिया को प्रमोशन मिले और पर्यटकों की वहां आवाजाही बढ़ने लगे।
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इस क्रम में सरकार जनजातीय क्षेत्र में एक रात गुजारने वाले व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र देने की व्यवस्था भी करने जा रही है। इसके अलावा, टूर एंड ट्रैवल्स की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर भी मंथन किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ‘अमर उजाला’ से इसकी पुष्टि की है।
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ट्राइबल सर्किट बनाने की भी है योजना
उत्तराखंड के दून-चकराता, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा ट्राइबल एरिया हैं। पर्यटन विभाग की काफी समय से इन क्षेत्रों का सर्किट तैयार करने की योजना है। पर्यटन मंत्री के अनुसार, ट्राइबल सर्किट बनाने का सबसे बड़ा फायदा ये होगा, कि पर्यटक शृंखलाबद्ध तरीके से इन जगहों पर जाकर तमाम जानकारियां इकट्ठा कर सकेगा।
अभी चल रही है 2001 की पर्यटन नीति
सरकार ने जल्द से जल्द नई पर्यटन नीति लाने की बात कही है। वर्तमान में 2001 में लागू पर्यटन नीति ही चल रही है। इसमें कई पहलू शामिल नहीं है। त्रिवेंद्र सरकार बनने के बाद पर्यटन विभाग ने लोगों से मशविरा करके नए पर्यटन नीति बनाने की कसरत शुरू की है। पर्यटन मंत्री इस संबंध में दो बड़ी बैठकें कर चुके हैं। मंत्री के अनुसार, जल्द से जल्द पर्यटन नीति कैबिनेट में लाई जाएगी।
ट्राइबल एरिया में रहने वाले लोगों की अपनी दुनिया है। अपनी समृद्ध परंपराएं और रीति-रिवाज है। विदेश में बहुत बड़ी संख्या में पर्यटक ऐसे इलाकों का रुख करते हैं। मगर हमारे यहां ऐसी व्यवस्था नहीं बन पाई है। ट्राइबल एरिया को पर्यटन के मानचित्र में उभारने के लिए हम नई पर्यटन नीति में कई नई व्यवस्था करने जा रहे हैं।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री