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नया लोकायुक्त बिल तो प्रदेश में लागू है : खंडूड़ी
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 02 Nov 2013 08:48 PM IST
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उत्तराखंड में अपने बनाए हुए लोकायुक्त बिल पर सरकार के रवैये से जनरल खंडूड़ी नाखुश है। उन्होंने कहा कि बिल तो उसी दिन लागू हो गया था जिस दिन राष्ट्रपति ने मंजूरी दी।
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वैसे भी विधेयक पारित होते समय कांग्रेस विधानमंडल दल ने समर्थन दिया था। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही का दस्तावेज भी सामने रखा जिसमें तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत ने विधेयक को जनहित में पारित करने के लिए अपने दल का समर्थन करने का ऐलान किया था।
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राष्ट्रपति की मंजूरी को असंवैधानिक कहना राष्ट्रद्रोह
लंबे अरसे बाद पार्टी मुख्यालय पर खबरनवीसों से मुखातिब पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता बीसी खंडूड़ी ने लोकायुक्त को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सीएम द्वारा राष्ट्रपति की मंजूरी को असंवैधानिक कहना राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। खंडूड़ी ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रदेश में निराशा हताशा के माहौल में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
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बिल लागू होने का दावा
जब स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल और मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी भी बिल को लागू करने की पैरवी कर रहे हैं तो सरकार को क्या परेशानी है। जनरल ने कहा कि वैसे तो राष्ट्रपति की मंजूरी वाले दिन से ही बिल लागू होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को परेशानी है तो कानून में संशोधन का प्रस्ताव सदन में रखना चाहिए।
180 दिन का समय
मुख्यमंत्री तो स्वयं न्यायाधीश रहे हैं, उन्हें तो कानून की जानकारी होनी चाहिए। गजट नोटिफिकेशन का प्रकाशन हो चुका है फिर सरकार कौन से बिल को लटकाने की बात कर रही है। उस एक्ट में लिखा है कि तत्काल प्रभाव से लागू और 180 दिन का समय ढांचा खड़ा करने के लिए है। अब सरकार स्ट्रक्चर खड़ा करे। खंडूड़ी ने कहा कि भ्रष्टाचार की पृष्ठभूमि पर खड़ी इस सरकार ने ट्रांसफर एक्ट को निरस्त किया और सेवा का अधिकार कानून को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।