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Dehradun News: गोरखा दशैं दीपावली महोत्सव में नेपाली गीतों की धूम

Sun, 20 Oct 2024 04:21 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:21 AM IST
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Nepali songs are a hit in Gorkha Dashain Diwali festival
गोरखाली दशैं दीपावली महोत्सव में दूसरे दिन भी गोरखाली संस्कृति की धूम रही। नेपाली गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। महोत्सव में नेपाली हस्तकला से बने उत्पादों की खूब खरीदारी की गई।
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शनिवार को गढ़ी कैंट स्थित महेंद्रा ग्राउंड में वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित महोत्सव में दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेपाल के राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। महोत्सव में बच्चों ने नेपाली परंपरागत तामाड़ सेलो नृत्य की प्रस्तुति दी। खुखरी नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नेपाली लोकगायिका निर्जरा गुरुंग के गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शाम को उत्तराखंड की लोकगायिका सोनाली राई ने प्रस्तुति दी। मेले में ढाका धागा से बने उत्पाद ढाका टोपी, नेपाली साड़ी, घलक, लुंगी व नेपाली परिधानों की खूब खरीदारी की गई।
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समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि नेपाल की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, कैंट बोर्ड के सीईओ हरेंद्र सिंह, जसपाल सिंह सौंधी, इंद्र पुंन, प्रमोद, बलराज मित्तल, विक्रम थापा, अभिषेक शाही आदि माैजूद रहे।
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Iगोरखा समाज हमारी गौरवशाली विरासत का हिस्सा : मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशैं महोत्सव गोरखा समाज की गौरवशाली संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और अदम्य वीरता का प्रतीक है। ये मां दुर्गा की उपासना का पर्व है, जो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रयास होगा कि हमारा सांस्कृतिक विभाग हर साल गोरखा दशैं महोत्सव को अपने कैलेंडर में शामिल करे। दशैं पर्व हमारी संस्कृति धरोहर को सजोने का अवसर है। गोरखा समाज हमारी गौरवशाली और समृद्ध विरासत का हिस्सा है। हम बचपन से मां उल्का को नमन करते आए हैं, गोरखा समुदाय मां उल्का को कुलदेवी के रूप में पूजता है। ये हमारी संस्कृति का घनिष्ठ उदाहरण है, जो दिखाता है कि हमारी जड़े एक हैं, मूल एक है।
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