आखिर क्यों? नेपाल के माओवादी कर रहे कालापानी पर 'चढ़ाई'
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कालापानी कूच के लिए तीन दिन से दार्चुला (नेपाल) जिला मुख्यालय में डेरा जमाए बैठी नेपाली माओवादी पार्टी की छात्रविंग कालापानी के लिए निकल गया।
अखिल नेपाल क्रांतिकारी छात्र संगठन का 30 सदस्यीय दल गुरुवार को कालापानी के लिए निकल गया है। इधर, भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
दार्चुला से मिली जानकारी के अनुसार नेपाली छात्र संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष रतन ढकाल के नेतृत्व में कालापानी के लिए निकले दल में 30 लोग शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार दल पहले पड़ाव सुनसेरा पहुंच गया है, जो शुक्रवार को दूसरे पड़ाव दुमलिंग, शनिवार को छांगरू (गागा) में रुकेगा और रविवार 16 अगस्त को दल का कालापानी पहुंचना प्रस्तावित है।
टकराव का नहीं है कोई इरादा, बस बात करनी है
बुधवार को अमर उजाला से हुई बातचीत में दल के सदस्यों ने कहा था कि उनका इरादा भारत से टकराव लेने का नहीं है।
वह लोग मानते हैं कि भारतीय क्षेत्र में स्थित कालापानी और लिपुपास पर भारत, चीन ने कब्जा कर रखा है। इसीलिए अपनी बात रखने के लिए वे लोग कालापानी जा रहे हैं।
भारतीय सुरक्षा बलों के सामने अपनी बात रखकर वे लौट जाएंगे। इधर, माओवादी छात्रविंग के कालापानी कूच की बात सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन खुलकर स्वीकार नहीं कर रहा है।
धारचूला एसडीएम परितोष वर्मा कहते हैं कि 15 अगस्त को देखते हुए छात्रविंग के साथ ही सीमा पर होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।