हिडन कैमरे से शूट भारतीय फिल्म को मिलेगा ऑस्कर!
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देहरादून के अपने कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘लायर्स डाई’ ऑस्कर के लिए नामांकित हुई है। इस गौरवशाली पल में अमर उजाला ने नवाजुद्दीन से फोन पर बात की तो उन्होंने साफ कहा कि यह उम्मीद से बढ़कर है।
फिल्म की शूटिंग सिर्फ 20 दिन में पूरी की गई। इस पर खर्च भी महज उतना आया, जितना किसी बालीवुड फिल्म के एक गाने पर आता है। कहा कि ‘लायर्स डाई’ में उनका आम आदमी का किरदार बेहद मुश्किल था।
हिडन कैमरे लगाए, सफर में ही खत्म होती है फिल्म
‘लायर्स डाई’ हिमाचल प्रदेश के अंतिम गांव चितकूल से शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली तक का सफर तय करते हुए बनी फिल्म एक रोड ड्रामा फिल्म है, जो कि सफर में ही शुरू होती है और सफर में ही खत्म हो जाती है। शूटिंग के लिए हिडन कैमरे लगाए गए थे।
बर्फ के बाद दिल्ली के तापमान को झेलना मुश्किल
बकौल नवाजुद्दीन चितकूल जैसी बर्फ वाली जगह के बाद दिल्ली के तापमान में शरीर को ढालना काफी मुश्किल भरा था। उनके मुताबिक फिल्म का अमेरिका में हुए फिल्म फेस्टिवल में चुने जाना बड़ी बात रही। यह फिल्म नेशनल अवार्ड भी ले चुकी है।
भाई के लिए दावत पक्की
डालनवाला के एमडीडीए निवासी नवाजुद्दीन के भाई अलमासुद्दीन की खुशी ठिकाना नहीं है। इन दिनों वे नवाज की फिल्म के ऑस्कर के लिए नामित होने की ही ज्यादा चर्चा करते हैं।
बकौल भाई से फोन पर बात हुई है। मैंने उनके लिए दावत पक्की की है। नवाज अब शाहिद कपूर के साथ फिल्म ‘फर्जी’ की शूटिंग करेंगे।
फिल्म में फौजी बने हैं नवाज
नवाज फिल्म में एक ऐसे फौजी बने हैं, जो फौज से निकाला जाता है। इसी बीच 6 वर्ष की बच्ची संग पति को ढूंढ रही चितकूल में रहने वाली एक महिला से मुलाकात होती है।
नवाज मदद के बदले उससे पैसे मांगते हैं। ये लोग हिमाचल से शिमला, चंडीगढ़ और फिर दिल्ली पहुंचते हैं। इस सफर के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है।
महिला नवाज से पति का पता मिलते ही उसे छोड़ने की बात कहती है। तय शर्त के मुताबिक महिला के पति का पता चलते ही नवाज अपना रास्ता पकड़ लेता है।
महिला से बेहद प्यार करने के बावजूद उसका पति के लिए नवाज को छोड़ना उन्हें बेहद अखरता है। उधर, पते से साबित होता है कि महिला का पति मर चुका है।