नवरात्र 2018: इस तरह नौ दिनों तक मां को करेंगे प्रसन्न तो सफल होगी पूजा
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मां दुर्गा इस नवरात्र पर स्वर्ण जनित नौका पर सवार होकर आ रही हैं। नौका पर माता का आगमन शुभ माना जाता है।
10 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र की शुरुआत घटस्थापना ,अखण्ड ज्योति जलाने के साथ हो गई।
पंडित रमेश सेमवाल के अनुसार अगर भक्तजन नौ दिनों तक इस तरह मां को प्रसन्न करेंगे तो उनकी पूजा सफल होगी।
पंडित सेमवाल ने बताया कि इस नवरात्र पर 17 अक्टूबर को श्रीदुर्गाष्टमी तथा महानवमी एवं दशहरा 18 अक्टूबर को एक ही दिन होगा।
आइए जानते हैं किस तरह मां का विशेष पूजन कर सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं।
रशि के अनुसार पूजन:
मेष राशि :- स्कंद माता की विशेष पूजा करें। माता को लाल चंदन, लाल पुष्प और सफेद मिष्ठान चढ़ाएं।
वृषभ राशि :- महागौरी की विशेष पूजा करें। पंच मेवा, सुपारी, सफेद चंदन, सफेद पुष्प चढ़ाएं।
मिथुन राशि :- माता ब्रह्मचारिणी रुप की पूजा करें। केला, पुष्प, धूप से माता की पूजा करें।
कर्क राशि :- माता के शैलपुत्री रुप करा पूजन करें। सफेद बताशे, चावल, दूध, दही चढ़ाएं।
सिंह राशि :- मां कुष्मांडा का पूजन करें। तांबे के पात्र में रोली, चंदन, केसर, कपूर से आरती करें।
कन्या राशि :- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। फल, गंगाजल मां को चढ़ाएं।
तुला राशि :- माता के महागौरी स्वरुप का पूजन करें। दूध, दही, चावल, चुनरी चढ़ाएं और घी के दीपक से आरती करें।
धनु राशि :- चंद्रघंटा रूप की पूजा करें। हल्दी, केला, केसर, पीले वस्त्र तिल का तेल, पीले फूल माता को चढ़ाएं।
मकर :- कालरात्रि रूप का पूजन करें। सरसों के तेल का दिया, पुष्प, चावल, कुमकुम और सूजी का हलवा माता को चढ़ाएं।
कुंभ राशि :- मां कालरात्रि का पूजन करें। पुष्प, कुमकुम, तेल का दीपक और ऋतु फल माता को चढ़ाएं।
मीन राशि :- मां चंद्रघंटा का पूजन करें। हल्दी, दूध, चावल, पीले फूल और केले के साथ पूजन करें।