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नेचर विद लिटरेचर : प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव को वन अनुसंधान संरक्षण केंद्रों में पढ़ने को मिलेंगी कविताएं

Tue, 04 Aug 2020 01:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून
अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 04 Aug 2020 01:07 PM IST
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Nature with Literature: Poems to be found in the Forest Research Conservation Centers for emotional connection with nature
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

प्रदेश वन अनुसंधान शाखा के 18 वन अनुसंधान संरक्षण केंद्रों में अब आपको हिमालय से लेकर प्रदेश के मैदानी इलाकों की वनस्पतियों के बारे में ही जानकारी नहीं मिलेगी बल्कि प्रकृति प्रेमी देश-विदेश के कवियों की रचनाएं भी पढ़ने को मिलेंगी।

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महान कवियों में शुमार सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, धर्मवीर भारती, रवींद्रनाथ टैगोर, हरिवंश राय बच्चन, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अंग्रेजी साहित्य के रॉबर्ट फ्रॉस्ट, विलियम वर्ड्सवर्थ, हेनरी थोरु, रस्किन बॉन्ड आदि ने प्रकृति पर कई कविताएं लिखी हैं। अभी तक हम इनकी रचनाओं और कविताओं को किताबों में पढ़ते आ रहे हैं। लेकिन अब इनकी प्रमुख रचनाएं वन अनुसंधान संरक्षण पार्कों में भी मिलेंगी। इसके लिए वन अनुसंधान शाखा ने ‘नेचर विद लिटरेचर’ की पहल की है। इसके तहत पार्कों में इनकी कविताओं की पट्टिकाएं लगाई गई हैं। 
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वन अनुसंधान शाखा के निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश में 18 वन अनुसंधान संरक्षण केंद्र हैं। मुनस्यारी स्थित बुरांस केंद्र में सुमित्रानंदन पंत की  कुमाऊंनी में बुरांस पर लिखी कविता की एक बड़ी पटिका लगाई गई है। इसके अलावा मुनस्यारी के लाइकेन संरक्षण केंद्र और मशरूम संरक्षण केंद्र में भी सुमित्रानंदन पंत समेत कई कवियों की कविताएं प्रदर्शित की हैं।
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रानीखेत स्थित पाइन, बांज और फ़र्न संरक्षण केंद्र, नैनीताल स्थित मास गार्डन और आरगोरेटम केंद्र, हल्द्वानी स्थित जैव विविधता पार्क, बांस आरक्षण केंद्र, लालकुआं स्थित फाइकस गार्डन, गोपेश्वर स्थित आर्केड संरक्षण केंद्र और हरिद्वार स्थित तुलसी वाटिका में भी प्रकृति से जुड़ी कई कविताओं को प्रदर्शित किया है। 

अंग्रेजी कविताओं और उर्दू शायरों की भी झलक  

‘नेचर विद लिटरेचर’ इस अनूठी पहल में महज हिंदी साहित्य के महान कवियों की कविताओं की झलक ही नहीं बल्कि अंग्रेजी साहित्य के महान कवियों रॉबर्ट फ्रॉस्ट, विलियम वर्ड्सवर्थ, हेनरी थोरु और रस्किन बॉन्ड जैसे कवियों की अंग्रेजी भाषा में लिखी कविताएं भी पढ़ने के लिए पर्यटकों को मिल रही हैं। इनके अलावा उर्दू के महान शायर मिर्जा गालिब, मीर तकी मीर, अख्तर शीरानी, अदम गोंडवी जैसे शायरों के शायरी भी पढ़ने को मिल रही है। केंद्र में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट समेत दुनिया की महान हस्तियों द्वारा कही बातों को भी स्थान दिया गया है।


जैव विविधता पार्कों में आने वाले पर्यटकों का प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया जा सके, इसके लिए सभी जैव विविधता पार्कों में हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू साहित्य के महान कवियों, शायरों की प्रमुख रचनाओं को स्थान दिया गया है।
- संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक वन अनुसंधान शाखा

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