राष्ट्रीय युवा दिवस 2020: देश की ताकत बन सकते हैं युवा, बस एक मौके की दरकार
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युवाशक्ति को किसी भी राज्य व देश की ताकत समझा जाता है। उत्तराखंड की भी युवाशक्ति को जब-जब मौका मिला, उन्होंने अपनी प्रतिभा को साबित करके दिखाया। उत्तराखंड का युवा बेहद जागरूक भी है। युवाओं का कहना है कि वे राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान देने को बेताब हैं।
चाहे सेना हो या खेल, शिक्षा, संस्कृति का क्षेत्र। युवाओं ने प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाई है। अब सरकार का भी फर्ज बनता है कि ऐसी प्रतिभा वाले प्रदेश में युवाओं को प्रोत्साहन दिया जाए। वहीं, युवाओं ने इसके लिए युवा नीति बनाने की मांग भी उठाई।
ये है युवाओं की राय
खेलों में हो सुधार: युवाओं का कहना है कि खेल महाकुंभ के जरिए सरकार ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का दावा तो करती है, लेकिन इसमें अभी बहुत सुधार की जरूरत है। खिलाड़ी मेडल तो जीत जाते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग देने की कोई योजना नहीं है।
शिक्षा का स्तर सुधरे: युवाओं की शिकायत है कि पहाड़ में शिक्षा में बड़े सुधार की दरकार है। जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होंगे तो युवाओं से क्या उम्मीद की जा सकती है।
बेरोजगारी भी समस्या:
कई युवाओं ने बेरोजगारी को भी मुख्य समस्या बताया। कहा कि सरकार को रोजगार की विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। जहां हर प्रतिभावान युवा को अवसर अवश्य मिलें।
ये है कहना
‘युवाशक्ति बड़े से बड़ा परिवर्तन लाने में सक्षम है, लेकिन पहले हमें अपनी समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझना होगा। जब हम अपने कर्तव्यों को समझेंगे तभी परिवर्तन आएगा
..केशव बहुगुणा
‘उत्तराखंड का युवा बेहद प्रतिभावान है। खेल, शिक्षा, संस्कृति के क्षेत्र में युवाओं ने खास पहचान बनाई है। सरकार को भी युवाओं को प्रोत्साहन देन के लिए विशेष नीति बनानी चाहिए
.. शुभम भट्ट
‘हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी निर्वहन करना होगा। तभी जाकर प्रदेश एवं राष्ट्र की तरक्की हो सकती है। साथ ही सरकार को भी युवाओं को अवसर प्रदान करने चाहिए।
.. मेघा
‘प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है। उन्हें जब-जब अवसर मिले हैं, उन्होंने खुद को साबित किया है। सरकार को भी प्रतिभाओं का सम्मान करना चाहिए
.. खुशी