फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   National Teacher Award 2020: Dr. Kandpal and Sudha Panuli Selected from Uttarakhand

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2020: उत्तराखंड से डॉ. कांडपाल और सुधा पैन्यूली पुरस्कार के लिए चयनित

Fri, 21 Aug 2020 11:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 21 Aug 2020 11:47 PM IST
विज्ञापन
National Teacher Award 2020: Dr. Kandpal and Sudha Panuli Selected from Uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2020 के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की घोषणा की गई है। इसमें उत्तराखंड से गवर्नमेंट हाईस्कूल पुडकुनी कपकोट बागेश्वर के प्रिंसिपल डॉ. केवलानंद कांडपाल और एकलव्य मॉडल रेजिडेंटल स्कूल कालसी की वाइस प्रिंसिपल सुधा पैन्यूली का चयन किया गया है। देशभर से कुल 47 शिक्षकों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

विज्ञापन


नेशनल अवार्ड टीचिंग के डायरेक्टर जीवी भास्कर की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षकों की सूची जारी की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के दो अध्यापकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2020 के लिए चयनित होने पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हमारे इन अध्यापकों ने देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस सम्मान को अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी बताया है। 

विज्ञापन

डॉ. केवलानंद कांडपाल को वर्ष 2012 में मिल चुका शैलेश मटियानी पुरस्कार

राजकीय हाईस्कूल पुड़कुनी के प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल का राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। उनको यह पुरस्कार बालिका शिक्षा में विशेष योगदान और शिक्षा के विकास में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए दिया जा रहा है। वर्ष 2012 में डॉ. कांडपाल को शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 

मूलरूप से बागेश्वर के खुनौली निवासी डॉ. कांडपाल ने 10 अक्तूबर 1990 को चमोली जिले के जीआईसी गोपेश्वर से वाणिज्य प्रवक्ता के रूप मे कॅरिअर शुरू किया। पांच अगस्त 2006 को वह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में स्थानांतरित होकर आए। वह एटीआई नैनीताल के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक भी हैं। राज्य की कक्षा चार से आठ तक की पुस्तकों में उनका लेखनीय योगदान में रहा है।

डायट में भी उन्होंने बीटीसी और डीएलएड का शत प्रतिशत परिणाम दिया। डॉ. कांडपाल 2017 में पदोन्नत होकर दुर्गम राजकीय हाईस्कूल पुड़कुनी के प्रधानाचार्य बने। उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक किया। विद्यालय में मां-बेटी सम्मेलन शुरू करवाया। उनका प्रयास रंग लाया और पहले ही साल विद्यालय छोड़ चुकी दो छात्राओं ने फिर से प्रवेश ले लिया।

विद्यालय में मतदाता साक्षरता क्लब और जूनियर रेडक्रॉस की स्थापना की। उन्होंने विद्यालय में कई व्याख्यान आयोजित कर शिक्षा का महत्व बताया। वह रेडक्रॉस के सदस्य होने के चलते सामाजिक गतिविधियों में सदैव योगदान देते है। राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न शोध और उनके प्रकाशन के लिए भी उन्हें जाना जाता है। इस उपलब्धि पर राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विजय गोस्वामी, डायट के प्रवक्ता कैलाश प्रकाश चंदोला, राशिसं के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडेय आदि ने खुशी जताई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed