मोदी का भाषण सुनने पर खतरे से घिर जाएंगे बच्चे!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर देशभर के छात्रों को संबोधित करने की घोषणा की है।
उनकी इस पहल की सराहना जरूर हो रही है, लेकिन उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठने लगा है। दरअसल, पीएम के भाषण का वक्त दोपहर तीन से शाम पौने पांच बजे तक तय किया गया है।
यानी भाषण सुनने के लिए बच्चों को शाम पांच बजे तक स्कूल में ही बैठे रहना होगा। इसके बाद ही वे घर जा सकेंगे। कई स्कूलों में बच्चे कई किलोमीटर दूर से आते हैं। ऐसे में उनके घर लौटने तक अंधेरा घिर चुका होगा।
दिक्कत यह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में शाम के वक्त जंगली जानवरों के हमलों की आशंका बनी रहती है। बच्चे शाम को स्कूलों से घरों के लिए जंगल से होकर गुजरेंगे तो खतरा बढ़ जाएगा।
3289 स्कूलों में बिजली नहीं
प्रदेश के 3289 जूनियर और प्राथमिक विद्यालयों में बिजली नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि पहाड़ के दूरदराज क्षेत्रों में स्थित इन स्कूलों में पीएम का भाषण सुनाने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था कहां से की जाएगी। शिक्षकों का भी मानना है कि यह काम आसान नहीं है।
सीआरपी, बीआरपी की बैठक ली
मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली ने शिक्षक भवन में सीआरपी और बीआरपी की बैठक लेते हुए पांच सितंबर की तैयारी पर जरूरी निर्देश दिए।
कहा कि शिक्षक दिवस पर स्कूल स्तरीय कार्यक्रम दोपहर ढाई बजे से पहले संपन्न कराए जाएं। शिक्षक दिवस पर स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।
स्कूलों के बजाय बच्चों को यह कहा जाना चाहिए था कि वे कहीं भी पीएम का भाषण सुन सकते हैं। घरों में, आसपास की दुकानों या फिर एक दूसरे के घर में बच्चे भाषण सुन सकते थे। अगले दिन बच्चों से भाषण के संबंध में प्रश्न पूछे जा सकते थे। इससे किसी को परेशानी नहीं होती।
- दिग्विजय चौहान, प्रांतीय महामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
पांचवीं तक के लिए नहीं अनिवार्य
पीएम का संबोधन देखना कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के लिए अनिवार्य नहीं है। जूनियर से माध्यमिक तक के छात्रों के लिए यह अनिवार्य है। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी डीएम, सीईओ और बीईओ को यह जानकारी दी।
कहा कि पांच को समस्त प्राथमिक, माध्यमिक एवं अन्य विद्यालयों का संचालन सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक होगा। बताया कि जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं है, बैटरी की व्यवस्था कर बच्चों को पीएम का संबोधन सुनाया जाए।
इसके लिए स्कूल प्रबंधन समिति का सहयोग लेने के लिए कहा गया है। शिक्षा महानिदेशक राधिका झा, निदेशक बेसिक आरके कुंवर आदि मौजूद रहे।