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उग्र आंदोलन की ओर बढ़ रहा 'रेलवे'
अमर उजाला, मनमीत रावत, देहरादून
Updated Mon, 16 Sep 2013 05:51 PM IST
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नई पेंशन स्कीम समेत 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारदर्न रेलवे मैंस यूनियन (नरमू) से जुड़े कर्मचारियों ने धरना दिया।
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राजधानी में सोमवार को यह धरना रेलवे स्टेशन में दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि अगर मांगों पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आंदोलन का रूप बड़ा किया जाएगा।
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ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के इस आंदोलन को नरमू ने भी समर्थन देते हुए धरना दिया। नरमू यूनियन के शाखा सचिव उग्रसेन सिंह ने बताया उत्पादकता के आधार पर बोनस की सीलिंग को बढ़ाया जाना चाहिए। जबकि सरकार बोनस को कम करना चाहती है।
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वहीं नई पेंशन स्कीम को तत्काल समाप्त कर सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी योजना ही लागू कि जाए। नरमू के मीडिया प्रभारी सुशील ममगाईं ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को विस्तार किया जाएगा।
ये हैं मुख्य मांगे
- रेलवे बोर्ड के समझौते के अनुसार, सभी कोटियों के कैडर रिस्ट्रक्चरिंग को तुरंत लागू किया जाए
- छठवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को शीघ्र हल करते हुए तकनीशिन सेकेंड को फर्स्ट के ग्रेड पे में एडजस्ट किया जाए। तथा वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को 4600 रुपए के स्थान पर 4800 का ग्रेड दिया जाए
- एमएसीपी की विसंगतियों को शीघ्र हल करते हुए ग्रेड पे 2000 रुपए के स्थान पर वास्तविक प्रोन्नति का ग्रेड दिया जाए
- सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन शीघ्र हो
- महिला रेल कर्मियों के लिए कार्य स्थल पर मूल भूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं
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