{"_id":"6504028460a711d9c302cb33","slug":"nainital-high-court-government-response-sought-in-illegal-mining-case-on-forest-department-land-haridwar-2023-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल हाईकोर्ट: हरिद्वार में वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन, सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल हाईकोर्ट: हरिद्वार में वन विभाग की जमीन पर अवैध खनन, सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश
Fri, 15 Sep 2023 04:47 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 15 Sep 2023 04:47 PM IST
सार
सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर सैनी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया था कि वन विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर मौजां गांव के 59 लोगों के परिवारों को 55 हेक्टेअर वन भूमि कृषि कार्य के लिए दी गई थी। याचिका में कहा कि यह जमीन उन्हें कृषि कार्य के लिए दी गई थी लेकिन इस पर अवैध खनन का कार्य हो रहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले के मुजफ्फरपुर मौजां वन ग्राम में वन भूमि पर हो रहे अवैध खनन के मामले में राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन
हरिद्वार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर सैनी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया था कि वन विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर मौजां गांव के 59 लोगों के परिवारों को 55 हेक्टेअर वन भूमि कृषि कार्य के लिए दी गई थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Nainital News: हड़बड़ाहट में चलती ट्रेन से उतर गई महिला, जीआरपी जवान की सतर्कता से बच पाई जिंदगी
विज्ञापन
इस जमीन पर पट्टेधारकों की ओर से पिछले कुछ सालों से अवैध खनन किया जा रहा है जबकि उनकी ओर से कोर्ट में इससे संबंधित फोटोग्राफ भी पेश किए गए हैं। याचिका में कहा कि यह जमीन उन्हें कृषि कार्य के लिए दी गई थी लेकिन इस पर अवैध खनन का कार्य हो रहा है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए।