नहीं खरीदा दूसरा हेलमेट तो अब झेलो परेशानी
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देहरादून में चालक के साथ अब दुपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी को हेलमेट पहनना होगा। दून पुलिस एक अक्तूबर से इस व्यवस्था को अनिवार्य रुप से लागू करने जा रही है।
बिना हेलमेट चलने पर उन्हें 100 रुपए का चालान भुगतना पड़ेगा। नैनीताल हाईकोर्ट ने हाल में एक याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया है।
इसी के अनुपालन में डीजीपी बीएस सिद्धू ने पुलिस और यातायात पुलिस निर्देश दिए है। इसी कड़ी में मंथन के बाद एसएसपी अजय रौतेला और एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय ने एक अक्तूबर से राजधानी में पिछली सवारी के हेलमेट पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है। हेलमेट न पहनने वालों का चालान किया जाएगा।
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि जन सामान्य के साथ स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। सिटी पेट्रोलिंग और यातायात पुलिस को अपडेट कर दिया गया है।
राज्य सरकार को है छूट देने का अधिकार
129 एमवी एक्ट में यह प्रावधान दिया गया है कि राज्य सरकार विशेष तौर पर जिसे चाहे उसे हेलमेट से मुक्त कर सकती है। दरअसल एमवी एक्ट के प्रावधानों में पगड़ी लगाने वाले सिख समुदाय को छोड़कर किसी दूसरे को छूट नहीं है।
इस नई व्यवस्था के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या महिलाओं को अनिवार्य रुप से हेलमेट पहनना होगा।
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। एमवीएक्ट में यह भी व्यवस्था है कि टॉप (हेलमेट) लगाने के साथ उसकी बेल्ट बांधना भी जरूरी है। बैल्ट न लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई से बचने के लिए बैल्ट बंधी होने भी जरुरी है। अधिकांश लोग बेल्ट बांधने से परहेज करते है। कई हादसों में बेल्ट न बंधी होने के कारण वाहन चालक की मौत सिर से हेलमेट उछलकर गिरने से हुई है।