उत्तराखंड के किसानों की जिंदगी बदलेगा यह कार्ड, ये हैं फायदे
- उत्तराखंड के किसानों के लिए भी नाबार्ड जल्द शुरू करने जा रहा है योजना
- भूमिहीनों किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगा नाबार्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) उत्तराखंड के किसानों के लिए भी ‘रुपे किसान क्रेडिट कार्ड’ योजना शुरू करने जा रहा है। यह योजना कई राज्यों में चल रही है।
इस कार्ड के जरिये किसान एटीएम से तय सीमा तक धनराशि निकला और जमा करा सकेंगे। उत्तराखंड में यह योजना वर्ष 2016 के अंत या 2017 की शुरुआत में शुरू हो जाएगी।
अमर उजाला से खास बातचीत में नाबार्ड के नए मुख्य महाप्रबंधक दिलीप एन मगर ने कहा कि रुपे क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसान की वित्तीय स्थिति और संपदा को देखते हुए क्रेडिट लिमिट तय की जाएगी। जरूरत के समय किसान तय सीमा तक एटीएम से धनराशि निकाल सकेंगे। इससे किसान, बागवान और पशुपालक साहूकारों के चंगुल में नहीं फंसेंगे।
सीजीएम दिलीप एन मगर ने बताया कि देहरादून में स्वयं सहायता समूहों के लिए भी नया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसमें स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का वृहद डाटा बैंक तैयार किया जाएगा।
देश के 22 जिलों में चल रहा यह प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट देश के 22 और जिलों में चल रहा है। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें विश्वस्तरीय एकाउंटिंग मैकेनिज्म भी है। इसकी मदद से बैलेंसशीट ऑनलाइन तैयार हो जाएगी।
इससे स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय हैसियत तो पता चलेगी ही साथ में इनका भी वर्गीकरण भी हो जाएगा। इससे अच्छा काम करने वाले समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा।
सीजीएम दिलीप एन मगर के अनुसार भूमिहीनों किसानों को राज्य सरकार की मदद से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। ऐसे लोगों के लिए संयुक्त देयता समूह योजना को विस्तार दिया जाएगा। इसी तरह प्रदेश के सभी जिलों में डेयरी एरिया डेवलपमेंट योजना को भी अंजाम दिया जाएगा। इस मौके पर मुख्य प्रबंधक डॉ. सुनील पांडे भी मौजूद थे।