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....तो पर्यटकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा मसूरी नगरपालिका प्रशासन
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पर्यटकों की जिंदगी के साथ रोपवे भ्रमण कराने के नाम पर पालिका प्रशासन खिलवाड़ कर रहा है। ब्रिडकुल अफसरों के मुताबिक, मालरोड पर संचालित रोपवे को तीन साल पूर्व उपयोग के लिए अनफिट पाया गया था और रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी, रोपवे के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई।
मसूरी में पर्यटकों को भ्रमण कराने के लिए 1969 में मालरोड पर रोपवे का निर्माण किया गया। उत्तराखंड रज्जुमार्ग अधिनियम-2014 के तहत रज्जूमार्ग निरीक्षक की ओर से राज्य में संचालित सभी रोपवे की हर साल जांच की जाती है। ब्रिडकुल प्रबंध निदेशक एवं रज्जुमार्ग निरीक्षक कुंदन सिंह के मुताबिक, तीन साल पूर्व विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच में रोपवे को संचालन के लिए अनफिट पाया गया था। शासन को रिपोर्ट भी प्रेषित की गई थी, लेकिन संचालन किया जा रहा है।
उधर, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि ब्रिडकुल विशेषज्ञों द्वारा जो खामियां बताई गई थी, उसे दूर कर लिया गया है। निजी कंपनी की मदद से रोपवे की मरम्मत कराने के बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराई गई थी। आईआईटी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही इसका संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में ब्रिडकुल के विशेषज्ञों की कि रिपोर्ट सही है, या फिर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की रिपोर्ट को सही माना जाए।
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रोपवे की मरम्मत करने और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद ही इसका संचालन किया जा रहा है।
- अनुज गुप्ता, पालिकाध्यक्ष, मसूरी
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मसूरी में पर्यटकों को भ्रमण कराने के लिए 1969 में मालरोड पर रोपवे का निर्माण किया गया। उत्तराखंड रज्जुमार्ग अधिनियम-2014 के तहत रज्जूमार्ग निरीक्षक की ओर से राज्य में संचालित सभी रोपवे की हर साल जांच की जाती है। ब्रिडकुल प्रबंध निदेशक एवं रज्जुमार्ग निरीक्षक कुंदन सिंह के मुताबिक, तीन साल पूर्व विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच में रोपवे को संचालन के लिए अनफिट पाया गया था। शासन को रिपोर्ट भी प्रेषित की गई थी, लेकिन संचालन किया जा रहा है।
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उधर, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि ब्रिडकुल विशेषज्ञों द्वारा जो खामियां बताई गई थी, उसे दूर कर लिया गया है। निजी कंपनी की मदद से रोपवे की मरम्मत कराने के बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराई गई थी। आईआईटी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही इसका संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में ब्रिडकुल के विशेषज्ञों की कि रिपोर्ट सही है, या फिर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की रिपोर्ट को सही माना जाए।
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रोपवे की मरम्मत करने और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद ही इसका संचालन किया जा रहा है।
- अनुज गुप्ता, पालिकाध्यक्ष, मसूरी