Mussoorie: होटल में खाना खाने के बाद दिल्ली के आठ सैलानी बीमार, बच्चे का जन्मदिन मनाने आए थे मसूरी
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दिल्ली के सैलानी होटल में खाना खाने के बाद बीमार हो गए। आरोप है कि सभी रातभर उल्टी-दस्त की समस्या से जूझते रहे, लेकिन होटल प्रबंधन ने सुध नहीं ली। मंगलवार सुबह सैलानी खुद सिविल अस्पताल पहुंचे और उपचार कराया।
सैलानी प्रेम सिंह और अवंतिका ने बताया कि वह बच्चे का जन्मदिन मनाने मसूरी आए थे और मॉलरोड स्थित होटल में रुके थे। रात को बच्चे का जन्मदिन मनाने के बाद सभी ने होटल में ही खाना खाया।
इसके एक घंटे बाद सभी को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। बताया कि इस बारे में उन्होंने होटल के कर्मचारियों को भी बताया गया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। कहा कि होटल में इस तरह का व्यवहार पहली बार देखा है।
उन्होंने होटल प्रबंधन के रवैये पर दुख जताया। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. यतीन्द्र सिंह ने बताया की उल्टी दस्त से परेशान सभी लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए भी कहा गया, लेकिन सभी पर्यटकों ने दिल्ली जाने की बात कही और अस्पताल से चले गए।
वहीं, होटल पैराडाइज मैंशन के मैनेजर मनमोहन सिंह ने बताया कि होटल में जो खाना दिल्ली के सैलानियों ने खाया, वही खाना अन्य पर्यटकों ने भी खाया था, लेकिन किसी ने खाने को लेकर कोई शिकायत नहीं की।
फूड सेफ्टी ऑफिसर को जांच के लिए मसूरी स्थित होटल में भेजा जाएगा। पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजेन्द्र सिंह रावत, जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर
अनशनकारी की हालत बिगड़ी, भर्ती
पंचायती राज विभाग से निकाले गए आउसटसोर्स कर्मियों का अनशन मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को एक अनशनकारी आशुतोष डिमरी की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके स्थान पर एक और कर्मी अनशन पर बैठ गया है।
उधर, निकाले गए आउटसोर्स कर्मियों की पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे से भी वार्ता हुई। इसमें मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा, लेकिन कर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी पुनर्नियुक्ति पर कार्रवाई नहीं होती, अनशन व आंदोलन जारी रहेगा।
विदित है कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत करीब 400 आउटसोर्स कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। इसके बाद से कर्मचारी लगातार धरना-प्रदर्शन और अनशन कर रहे हैं। उधर, अनशन पर बैठे आशुतोष डिमरी की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके स्थान पर संगठन के उपाध्यक्ष अभिनव रावत अनशन पर बैठे।
संगठन के अध्यक्ष आशीष कंडारी ने बताया कि मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। कहा कि अब 16 को सचिव पंचायती राज से मुलाकात होनी है। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो संगठन भविष्य में आंदोलन को और तेज कर देगा।