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अधिकारियों के उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम कर्मचारियों ने किया कार्यबहिष्कार

Sat, 19 Nov 2022 07:30 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2022 07:30 AM IST
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Municipal employees boycott work against harassment of officers
नगर निगम के विधि सहायक की मौत से गुस्साए निगम कर्मचारियों ने शुक्रवार को कार्यबहिष्कार किया। इस दौरान उन्होंने निगम के कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों का उत्पीड़न करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। कहा कि इससे निगम के कर्मचारी मानसिक तनाव में है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त मनुज गोयल से हुई वार्ता में मिले आश्वासन के बाद निगम कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार समाप्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा इस प्रकार की घटना किसी कर्मचारी के साथ होती है तो कर्मचारी संघ उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। बता दें कि नगर निगम के विधि सहायक गौरव गुप्ता की बुधवार को मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों और कर्मचारियों का आरोप था निगम के अधिकारियों की ओर से उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था। उन्हें रात में आठ बजे तक ऑफिस में बैठाया जाता था। रविवार को भी काम लिया जाता था। बीमार होने के बाद भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही थी। जिसके कारण वह मानसिक तनाव में थे। निगम के अधिकारियों के इस उत्पीड़न के खिलाफ शुक्रवार को नगर निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारी ऑफिस बंद कर निगम प्रांगण में बैठ गए। महासंघ के महामंत्री सतेंद्र कुमार और अध्यक्ष नाम बहादुर ने कहा कि निगम प्रशासन के उत्पीड़न के चलते गौरव गुप्ता की मौत हुई। बताया कि उनके पिता एसके गुप्ता जो सफाई निरीक्षक थे, उनकी भी इस प्रताड़ना के कारण ही मौत हुई थी।
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उधर, मेयर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि अब कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों को साढ़े पांच बजे के बाद कार्यालय में नहीं रोका जाएगा। साथ ही उन्होंने अपर नगर आयुक्त को कार्यमुक्त करने के संबंध में कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि कर्मचारियों को उनके पास न जाना पड़े। साथ ही उन्होंने मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया।
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अपर नगर आयुक्त को किया जाएगा कार्यमुक्त
कर्मचारियों का आरोप है कि उनका सबसे ज्यादा उत्पीड़न अपर नगर आयुक्त ही करते हैं। वह रात आठ बजे से पहले घर जाने वाले कर्मचारियों की अनुपस्थिति लगा देते हैं। साथ ही समय-समय पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हैं। जिस पर मेयर सुनील उनियाल गामा का कहना है कि अपर नगर आयुक्त को कार्यमुक्त किया जाएगा।

उत्पीड़न के विरोध में कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के कारण शुक्रवार को लोग दिनभर अपने काम के लिए भटकते रहे। निगम में कामकाज ठप होने से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। निगम में हर रोज की तरह ही शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोग जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स जमा करने आदि कामों को लेकर पहुंचे। यहां आकर पता चला कि कर्मचारी कार्यबहिष्कार पर हैं। कर्मचारी सुबह 10 बजे ही सभी ऑफिस बंद कर धरने पर बैठ गए थे। कर्मचारी दोपहर तीन बजे तक नगर आयुक्त से वार्ता की बात करते रहे लेकिन नगर आयुक्त ने उन्हें वार्ता के लिए नहीं बुलाया। मेयर के निगम पहुंचने के बाद ही कर्मचारियों की वार्ता हुई। निगम अधिकारियों की इस लापरवाही से लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला।
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