नगर निगम के नदी-नालों की जमीन पर तो अतिक्रमण हो ही चुका है, लेकिन अब अपनी बेशकीमती जमीनों को भी नहीं बचा पा रहा है। थानी गांव, शहंशाही आश्रम, सहस्रधारा रोड, जाखन सहित कई जगहों पर निगम की जमीनों पर भूमाफिया नजर गड़ाए बैठे हैं, लेकिन निगम आंखें मूंदे बैठा हुआ है। अतिक्रमण के खिलाफ निगम का अभियान भी दिखावा साबित हो रहा है।
निगम के पास शहर के कई हिस्सों में जमीनें हैं, लेकिन निरीक्षण के अभाव में जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। हालांकि, अवैध अतिक्रमण और कब्जों को लेकर निगम समय-समय पर अभियान चलाता है, लेकिन कुछ घरों और छोटे-छोटे अतिक्रमणों को हटाकर चुप बैठ जाता है। आज तक बड़े कब्जों पर हाथ नहीं डाल पाया है। इसकी वजह से बेशकीमती जमीनें या तो भूमाफिया के कब्जे में हैं या भूमाफिया उन पर नजरें गढ़ाए बैठे हैं। वर्तमान में राजपुर के थानी गांव, शहंशाही आश्रम, मयूर विहार, सहस्रधारा रोड, जाखन, ओल्ड राजपुर, हरिद्वार बाईपास, नवादा, क्लेमेंटटाउन आदि जगहों पर कब्जे हो रहे, लेकिन निगम बेखबर बना हुआ है।
वर्ष 2018 के बाद नगर निगम में ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करते हुए 40 और वार्ड शामिल किए थे। इन वार्डों में पंचायत की काफी भूमि थी, जो नगर निगम में निहित हो गई, लेकिन इन जमीनों पर भी कब्जे शुरू हो गए हैं। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर कई बार निगम से शिकायत की गई, लेकिन केवल छोटे-छोटे अतिक्रमण हटाए जाते हैं। वर्तमान में भी राजपुर, जाखन, बॉडीगार्ड, हरिद्वार बाईपास और नए वार्डों में जमकर कब्जा हो रहा है। उधर, मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि अतिक्रमण की शिकायत पर टीम भेजकर कार्रवाई की जाती है। लोग निगम की जमीनों पर कब्जा करने वालों की शिकायत करें। निगम की जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जा सहन नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।