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नगर निगम बना ‘नरक निगम’

Tue, 12 Apr 2016 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 12 Apr 2016 02:15 AM IST
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municipal corporation became hell corporation.
नगर निगम - फोटो : AmarUjala

नगर निगम बोर्ड बैठक में नगर की नारकीय होती स्थिति पर जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने स्वास्थ्य अनुभाग पर सुस्ती, उदासीनता, भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोप जड़े। पार्षदों ने स्वच्छ भारत अभियान और नगर निगम के विशेष अभियान को झूठ का पुलिंदा करार दिया।

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हालांकि मेयर विनोद चमोली ने स्वास्थ्य अनुभाग का बचाव करते हुए कहा कि वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल के चार्ज लेने के बाद से हालात बेहतर हुए हैं। साथ ही उन्होंने 15 दिनों में नगर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने का आश्वासन दिया है।
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रोष में भरे थे पार्षद
नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षद गुस्से, आक्रोश और जबरदस्त रोष से भरे थे। पार्षद जगदीश धीमान, नीनू सहगल, राजकुमार कक्कड़, अशोक कोहली, महिपाल धीमान, देवेंद्र पाल सिंह मोंटी, विपिन चंचल, बीना बिष्ट, नंदिनी शर्मा, अमिता सिंह, अजय सिंघल, अरुण खन्ना, ओमेंद्र सिंह भाटी, विनय कोहली ने दून की नारकीय होती सफाई व्यवस्था पर जमकर हंगामा किया। कई पार्षदों ने कुछ अधिकारियों और कार्मिकों पर सीधा हमला किया।
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कमीशनखोरी, दलाली, उगाही के आरोप तक लगाए। इन सभी ने अलग अलग क्षेत्रों के मुद्दे उठाकर कहा कि स्वास्थ्य अनुभाग घोटालों का केंद्र बन गया है। पक्के कर्मियों, स्वच्छता समिति और नाला गैंग की कोई जवाबदेही नहीं है। सफाई इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर पार्षदों की नहीं सुनते। दूनवासी गंदगी, बदबू, सड़न से मजबूर हैं। नगर निगम प्रशासन के आगे आम आदमी तो दूर पार्षद तक बेबस हैं। सफाई अभियान कागजों में चल रहे हैं। निगम प्रशासन को चाहिए कि वह साफ करे कि केंद्र से इस मद में कितनी धनराशि आई है।

अर्जुन सोनकर, भूपेंद्र कठैत, दया जोशी, सतीश कश्यप, राजेश सिंह पुंडीर, मीरा कठैत, अनीता सिंह, गंगा क्षेत्री ने कहा कि वार्डों में लोग सफाई नहीं होने से गुस्से में हैं। चरणजीत कौशल ने टीचर्स कालोनी के फ्रीहोल्ड का मसला उठाया। इस मौके पर कई पार्षदों ने आवारा जानवरों के मोहल्लों और कालोनियों में घूमने का मुद्दा उठाया।

सफाई का मुद्दा उठा
अवैध सुअरों की वधशालाओं का मुद्दा भी उठा। इस पर मेयर ने तुरंत अभियान चलाने के निर्देश दिए। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि बेहद कम संसाधनों और कार्मिकों के स्तर पर लापरवाही के चलते सफाई अभियान के अच्छे परिणाम नहीं आ रहे हैं। नेहरू कालोनी पार्षद नीरू भट्ट व बीना उनियाल ने नेहरु कालोनी में जबरदस्त अतिक्रमण की शिकायत की। मेयर ने कहा कि इस क्षेत्र में जल्द ही अभियान चलेगा।

वरिष्ठ पार्षद जगदीश धीमान ने नासवी द्वारा रेहड़ी-पटरी स्वरोजगारियों के सर्वे में पार्षदों की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। इस पर मेयर ने आदेशित किया कि बिना पार्षदों के सर्वेक्षण नहीं होगा। राजकुमार कक्कड़ ने चल रही अवैध डेयरियों का मसला उठाया। ओमेंद्र भाटी ने कहा कि कई हीस्ट्रीशीटर निगम के कार्मिक बन गए हैं। 


धनराशि खुर्दबुर्द का मामला भी उठा 
वरिष्ठ पार्षद डॉ. विजेंद्र पाल सिंह ने बजट राशि में विकास कार्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। तमाम तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत करते हुए वित्त विभाग पर दो करोड़ से अधिक धनराशि खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया। साथ ही डा. पाल ने प्रत्याशा संबंधी मुद्दा उठाकर हंगामा किया। इस पर मेयर ने कहा कि वह नगर निगम का बड़ा कॉरपस फंड बनाना चाहते हैं। इससे मिलने वाले ब्याज से विकास कार्य होंगे। वह बोले कि जहां तक प्रत्याशा की बात है तो तमाम आपातकालीन स्थिति में ऐसा करना होता। प्रत्याशा के मामले में वह सभी के साथ बराबरी का व्यवहार करते हैं।

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