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Uttarakhand: मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी; देहरादून बना विजेता, खिलाड़ियों ने 146 स्वर्ण सहित 318 पदक जीते

Wed, 18 Feb 2026 09:34 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 18 Feb 2026 09:34 PM IST
सार

खेल महाकुंभ के तहत आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 23 नवंबर 2025 से 18 फरवरी 2026 तक चली। जिसमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में ऊधमसिंह नगर 78 स्वर्ण सहित 255 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा।

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Mukhyamantri Championship Trophy 2026 Dehradun emerged victorious cm dhami attends Program
सीएम धामी - फोटो : सूचना विभाग

विस्तार

प्रदेश में आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में देहरादून जिले के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा। जिला सबसे अधिक 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य पदक जीतकर सीएम चैंपियनशिप ट्राफी का विजेता बना।

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खेल महाकुंभ के तहत आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 23 नवंबर 2025 से 18 फरवरी 2026 तक चली। जिसमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में ऊधमसिंह नगर 78 स्वर्ण सहित 255 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा। जबकि हरिद्वार जिले को 82 स्वर्ण सहित 210 पदक मिले। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतिम दिन युवा कल्याण निदेशालय में परंपरागत खेल मलखंभ, मुर्गा झपट और पिट्टू खेला गया। जिसमें मलखंभ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास लालढांग के छात्रों वासु, मोर सिंह, प्रिंस, मयंक, मोहित आदि ने कोच योगेश्वर सिंह के निर्देशन पर शानदार प्रदर्शन किया।
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रुद्रप्रयाग जिले का रहा सबसे खराब प्रदर्शन
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में रुद्रप्रयाग जिले के खिलाड़ियों का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। जिले को सबसे कम मात्र पांच स्वर्ण सहित 14 पदक मिले। जो पदक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रहा।
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प्रदेश के इन जिलों को मिले इतने पदक
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राॅफी में नैनीताल जिले को 44 स्वर्ण सहित 154 पदक मिले। जबकि पौड़ी गढ़वाल को 22 स्वर्ण सहित 94, पिथौरागढ़ को 19 स्वर्ण सहित 82, टिहरी गढ़वाल को 12 स्वर्ण सहित 79 पदक, चंपावत को आठ स्वर्ण सहित 49, उत्तरकाशी को पांच स्वर्ण सहित 48, बागेश्वर को आठ स्वर्ण सहित 31 पदक और चमोली को सात स्वर्ण सहित 31 पदक मिले।

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छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बनी ट्रॉफी 
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बनी है। प्रदेशभर में एक लाख 62 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया। यह कहना है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का। सीएम ने यह बात नूनरखेड़ा में सीएम चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। सीएम ने देहरादून जिले को विजेता ट्रॉफी एवं पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। इस आयोजन में 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। हमारे स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएं अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी है। सरकार की ओर से राज्य में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएँगी। संसाधनों के अभाव में प्रतिभाएं दबी न रहें इसके लिए नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान किए गए हैं।

इस साल से खेल महाकुंभ एवं अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, यह दौर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल जैसा है। सरकार आउट ऑफ टर्न नौकरी और सरकारी सेवाओं में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय पहले ही ले चुकी है। अब प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं और आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है, जिससे देवभूमि उत्तराखंड खेल भूमि के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने जैसे फैसले लिए हैं। विभागीय मंत्री ने कहा, यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए बड़ी तैयारी का मंच है। साथ ही वर्ष 2030 में भारत में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक मेजबानी को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अभी से तैयारी करनी होगी।

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