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एमएसएमई : आर्थिक नुकसान के बाद खड़े होने को दम भर रहे छोटे और सूक्ष्म उद्योग

Mon, 20 Jul 2020 03:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 20 Jul 2020 03:38 PM IST
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MSME: Small and micro industries enduring post-economic losses
रुपये - फोटो : pixabay

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रदेश के लगभग 64 हजार एमएसएमई उद्योगों पर सबसे अधिक आर्थिक मार पड़ी है।

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बाजार में मांग कम होने, आर्थिक संकट, कच्चे माल की सप्लाई और श्रमिकों के अभाव समेत तमाम दिक्कतों का सामना कर रहे एमएसएमई उद्योग पटरी पर लौटने के लिए दम भर रहे हैं। उद्यमियों को उद्योगों का पहिया घुमाने के लिए सरकार से तत्काल राहत के रूप में बिजली, पानी के फिक्स्ड चार्ज, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने की दरकार है। 

उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 64 हजार एमएसएमई उद्योगों में 13478.48 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ है। इन उद्योगों में 3.21 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप रोजगार मिला है। लॉकडाउन के कारण उद्योगों में कारोबार बंद होने से हजारों लोगों के रोजगार पर संकट है।
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उद्यमियों का कहना है केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत बैंक लिमिट पर बिना गारंटी के 20 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण देने की घोषणा की है, लेकिन प्राइवेट बैंक ऋण लेने के लिए 10 हजार रुपये का स्टांप पेपर मांग रहे हैं। वहीं, जो उद्यमी किसी कारण से पूर्व में बैंक की किस्त जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

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एमएसएमई उद्योग खड़ा होने की कोशिश

कई तरह की चुनौतियों के बीच एमएसएमई उद्योग खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार में डिमांड की कमी है, उधार में दिया गया माल का पैसा नहीं आ रहा है। आर्थिक संकट के चलते उद्योगों में 40 प्रतिशत ही उत्पादन हो रहा है। जब कमाई नहीं होगी तो उद्योग कैसे चलेंगे। सरकार उद्योगों को बिजली, पानी और अन्य टैक्स में उद्योगों को छूट दे।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड

आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्राइवेट बैंकों से उद्यमियों को बिना गारंटी ऋण लेने के लिए 10 हजार रुपये का स्टांप पेपर लिया जा रहा है। अन्य राज्यों की तर्ज पर श्रमिक कानूनों में शिथिलता मिलनी चाहिए। उद्योगों को अभी तक राहत के रूप में किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी गई।
-अनिल मरवाह, समन्वयक, फूड इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड

पैकेज के तहत 34671 उद्योगों को 1835 करोड़ का ऋण

केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत पैकेज में लॉकडाउन के कारण प्रभावित एमएसएमई उद्योगों को दोबारा संचालित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। इस पैकेज के तहत एसएसएमई के लिए लागू इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम में प्रदेश के 34671 उद्योगों को बैंक की लिमिट के आधार पर 1835 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इससे उद्योगों को उत्पादन पटरी पर लाने में मदद मिली है।

एमएसएमई उद्योग

जिला      -       एमएसएमई उद्योग  -  पूंजी निवेश (राशि करोड़ों में)  - रोजगार

ऊधमसिंह नगर    8270                     4448.779              66284
नैनीताल          4513                      1071.268              21346
देहरादून          8889                      1416.024              55261
अल्मोड़ा         4203                      220.261                 9959
पिथौरागढ़        3259                      105.529                 7545
बागेश्वर          1896                       65.629                   4260
चंपावत         1696                        87.49                     4580
पौड़ी            6306                        524.331                  22610
टिहरी           4601                        310.323                  13459
चमोली         3358                        104.677                   7446
उत्तरकाशी      4204                        116.756                   8336
रुद्रप्रयाग        2046                        112.095                   5443
हरिद्वार         10731                       4895.329                 94573

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