Uttarakhand News: रैंप योजना से एमएसएमई उद्योग पकड़ेंगे रफ्तार, विश्व बैंक से मिलेगी वित्तीय मदद
कोविड महामारी के कारण छोटे उद्योगों पर भी आर्थिक रूप से मार पड़ी है। केंद्र सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र में सुधार के लिए रैंप योजना शुरू की है। योजना से छोटे व लघु उद्योगों को बाजार और ऋण उपलब्धता में सुधार किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) में सुधार और गुणवत्ता युक्त उत्पादों के लिए केंद्र सरकार ने रेजिंग एंड एक्सलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (रैंप) योजना शुरू की है। योजना के तहत प्रदेश में भी अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित एमएसएमई उद्योगों के लिए क्लस्टर बनाए जाएंगे। जहां पर सरकार की ओर से उनकी जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य गठन से लेकर अब तक प्रदेश में लगभग 70 हजार एमएसएमई उद्योग स्थापित हैं। कोविड महामारी के कारण छोटे उद्योगों पर भी आर्थिक रूप से मार पड़ी है। केंद्र सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र में सुधार के लिए रैंप योजना शुरू की है। योजना से छोटे व लघु उद्योगों को बाजार और ऋण उपलब्धता में सुधार किया जाएगा।
इसके अलावा केंद्र व राज्यों के बीच साझेदारी को बेहतर करने के साथ ही एमएसएमई के लंबित भुगतान, पर्यावरण अनुकूल उत्पाद व प्रक्रियाओं के मुद्दों को सुलझाया जाएगा। रैंप के माध्यम से एमएसएमई उद्योगों के लिए रणनीतिक निवेश योजना बनाई जाएगी।
इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से योजना बनाने में पांच करोड़ का अनुदान 20 प्रतिशत की दर से पांच साल के लिए राज्य सरकार को दिया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र में सुधार के लिए क्षेत्रवार क्लस्टर बनाकर उद्योगों को नेशनल एमएसएमई डिजिटल पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: दो नंवबर को जारी होंगे पीसीएस मुख्य परीक्षा के एडमिट कार्ड, कहां और कब होगी पढ़ें पूरी डिटेल
केंद्र सरकार की रैंप योजना से एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। छोटे उद्योगों की जरूरतों और समस्याओं के हिसाब से एमएसएमई क्षेत्र में सुधार के लिए रोडमैप बनाया जाएगा।
- डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव उद्योग