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Dehradun News: वन विभाग की एनओसी के बिना ही पेड़ कटान का आरोप
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Iनराया के पूर्व प्रधान ने कहा- पहाड़ काटने की आड़ में बहुमूल्य पेड़ भी काटे गएI
विकासखंड कालसी की ग्राम पंचायत नराया के पूर्व प्रधान श्रीचंद तोमर ने आरोप लगाया कि सभी नियम-कायदों को ताक पर रखकर पहाड़ कटान किया जा रहा है। मोटरमार्ग पर आने वाले संरक्षित प्रजाति के पेड़ों को बगैर एनओसी ही काट दिया गया। उन्होंने सरकार से पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में तोमर ने विभागों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। कहा, बीते दिनों लोनिवि साहिया की ओर से नराया से फेडूलानी मोटर मार्ग पर करीब 60 लाख की लागत से पहाड़ कटान के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदाएं तीन फरवरी को तय सीमा पर खोली गईं। लेकिन, विभाग की ओर से चेहते ठेकेदार को काम सौंपा गया। जबकि बीते नवंबर-दिसंबर माह में भी जेसीबी और पोकलेंड मशीन से इसी मार्ग पर शेष बचे कार्य किए। ठेकेदार ने इसी काम की आड़ में मोटर मार्ग से वन विभाग की बिना एनओसी के संरक्षित बांज, खडीक, भीमल व बुरांश जैसे संरक्षित प्रजाति के दर्जनों पेड़ों का सफाया कर दिया है। कहा, सूचना के अधिकार के तहत पता चला है कि वन विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को पेड़ कटान की स्वीकृति नहीं दी गई। लोक निर्माण की ओर से पहाड़ कटाने न करने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि मौके की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही हैं। पूर्व प्रधान की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में टेंडर को निरस्त करते हुए जांच की मांग की है। समाधान न होने पर हाईकोर्ट जाने की बात भी पूर्व प्रधान की ओर से कही गई है।
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विकासखंड कालसी की ग्राम पंचायत नराया के पूर्व प्रधान श्रीचंद तोमर ने आरोप लगाया कि सभी नियम-कायदों को ताक पर रखकर पहाड़ कटान किया जा रहा है। मोटरमार्ग पर आने वाले संरक्षित प्रजाति के पेड़ों को बगैर एनओसी ही काट दिया गया। उन्होंने सरकार से पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में तोमर ने विभागों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। कहा, बीते दिनों लोनिवि साहिया की ओर से नराया से फेडूलानी मोटर मार्ग पर करीब 60 लाख की लागत से पहाड़ कटान के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदाएं तीन फरवरी को तय सीमा पर खोली गईं। लेकिन, विभाग की ओर से चेहते ठेकेदार को काम सौंपा गया। जबकि बीते नवंबर-दिसंबर माह में भी जेसीबी और पोकलेंड मशीन से इसी मार्ग पर शेष बचे कार्य किए। ठेकेदार ने इसी काम की आड़ में मोटर मार्ग से वन विभाग की बिना एनओसी के संरक्षित बांज, खडीक, भीमल व बुरांश जैसे संरक्षित प्रजाति के दर्जनों पेड़ों का सफाया कर दिया है। कहा, सूचना के अधिकार के तहत पता चला है कि वन विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को पेड़ कटान की स्वीकृति नहीं दी गई। लोक निर्माण की ओर से पहाड़ कटाने न करने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि मौके की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही हैं। पूर्व प्रधान की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में टेंडर को निरस्त करते हुए जांच की मांग की है। समाधान न होने पर हाईकोर्ट जाने की बात भी पूर्व प्रधान की ओर से कही गई है।
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