बेटे के साथ स्कूल में पढ़ने की चाहत में मां यूनिफॉर्म पहन पहुंच गई स्कूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मन में यदि कुछ करने का जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो उम्र राह में बाधा नहीं बन सकती। यह साबित कर दिखाया है त्यूनी की सरनाड पानी गांव निवासी 35 वर्षीय रेखा ने। रेखा के दो बच्चे हैं उसका बेटा संदीप जीआईसी त्यूणी में नौवीं कक्षा का छात्र है।
वहीं बेटी प्रीति ने इस बार दसवीं कक्षा की परीक्षा दी है। अब रेखा भी अपने बच्चों की तरह पढ़ना-लिखना चाहती हैं। वह चाहती हैं कि वो नौवीं कक्षा पास करें। उनके इस जज्बे को देखकर स्कूल के प्रिंसिपल देवी सिंह शाह की ओर से कक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है।
नौवीं का प्राइवेट फॉर्म भरवाया जाएगा
स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि पहले उन्होंने इसे मजाक समझा, लेकिन जब उनके पति धर्म सिंह को बुलाकर इस बारे में पता किया गया तो उन्होंने भी बताया कि रेखा पढ़ना चाहती है। जिसके बाद रेखा को कक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, उनका अभी स्कूल में एडमिशन नहीं हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी शूल चंद बताते हैं कि रेखा प्राइवेट से नौवीं कक्षा पास करना चाहती हैं। जिसे देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें कक्षा में बैठने की अनुमति दी है। रेखा की उम्र को देखते हुए उन्हें रेगुलर एडमिशन नहीं दिया जा सकता। उनसे नौवीं का प्राइवेट फॉर्म भरवाया जाएगा।