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मां धारी देवी की प्रतीक डोली ढोल द गई। ईस्ट देव
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नगर निगम में मां धारी देवी डोली यात्रा का शुभारंभ करते मेयर सुनील उनियाल गामा ।
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मां धारी देवी की डोली यात्रा ढोल दमाऊ, जागर-भजन और पुष्प वर्षा के साथ 21 दिन की यात्रा पर रवाना हो गई। ईस्ट देव सेवा समिति की ओर से इस डोली यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मां धारी देवी की डोली पूर्वाह्न 11.30 बजे नगर निगम प्रांगण में पहुंची। जहां भक्तों ने मां की डोली को नमन कर पुष्प अर्पित किए। 21 दिवसीय मां धारी देवी प्रतीक डोली यात्रा ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना, वाद्य यंत्र ढोल दमाऊ, डोर, थाली के पारंपरिक जागरों, भजनों, मां धारी देवी के जयकारों के संग नगर निगम से शहीद स्मारक प्रस्थान किया। वहां शहीदों को नमन कर जनकल्याण की कामना के साथ आगे प्रस्थान किया।
मां धारी देवी की डोली दून से हरिद्वार, रुड़की, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, फरीदाबाद, कानपुर, प्रयागराज, कोटद्वार पौड़ी होते हुए एक फरवरी को श्रीनगर गढ़वाल स्थित धारी देवी सिद्धपीठ पहुंचेगी। दो फरवरी को धारी देवी सिद्धपीठ स्थल पर भंडारे के बाद डोली यात्रा देहरादून स्थित नेहरू कालोनी में अपने थान पर पहुंचेगी। इससे पहले ईस्ट देव सेवा समिति के आचार्य सुंद्रियाल महाराज और राज्य आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने मेयर सुनील उनियाल गामा, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक वर्मा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पीडी गुप्ता, एसके द्विवेदी को तिलक लगाया, टोपी पहनाकर और गले में पटका पहनाकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम का संचालन राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और सह संचालन रामलाल खंडूड़ी व प्रदीप कुकरेती ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड साहित्य एवं कला परिषद के उपाध्यक्ष घनानंद गगोड़िया, विवेकानंद खंडूड़ी, वेदिका वेद, सुरेंद्र रावत, सुरेश नेगी, सुरेश कुमार, विनोद असवाल, जीतपाल बर्त्वाल, पुष्कर बहुगुणा, प्रमोद पंत, अरविंद गुप्ता, धर्मपाल रावत, कुसुम बिष्ट, अनु कपूर, राजेश्वरी रावत, लक्ष्मी रावत, भूपेंद्र कठैत, अधिवक्ता अव्वल सिंह नेगी, नमन चंदोला, वीर सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मां धारी देवी की डोली पूर्वाह्न 11.30 बजे नगर निगम प्रांगण में पहुंची। जहां भक्तों ने मां की डोली को नमन कर पुष्प अर्पित किए। 21 दिवसीय मां धारी देवी प्रतीक डोली यात्रा ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना, वाद्य यंत्र ढोल दमाऊ, डोर, थाली के पारंपरिक जागरों, भजनों, मां धारी देवी के जयकारों के संग नगर निगम से शहीद स्मारक प्रस्थान किया। वहां शहीदों को नमन कर जनकल्याण की कामना के साथ आगे प्रस्थान किया।
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मां धारी देवी की डोली दून से हरिद्वार, रुड़की, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, फरीदाबाद, कानपुर, प्रयागराज, कोटद्वार पौड़ी होते हुए एक फरवरी को श्रीनगर गढ़वाल स्थित धारी देवी सिद्धपीठ पहुंचेगी। दो फरवरी को धारी देवी सिद्धपीठ स्थल पर भंडारे के बाद डोली यात्रा देहरादून स्थित नेहरू कालोनी में अपने थान पर पहुंचेगी। इससे पहले ईस्ट देव सेवा समिति के आचार्य सुंद्रियाल महाराज और राज्य आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने मेयर सुनील उनियाल गामा, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक वर्मा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पीडी गुप्ता, एसके द्विवेदी को तिलक लगाया, टोपी पहनाकर और गले में पटका पहनाकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम का संचालन राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और सह संचालन रामलाल खंडूड़ी व प्रदीप कुकरेती ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड साहित्य एवं कला परिषद के उपाध्यक्ष घनानंद गगोड़िया, विवेकानंद खंडूड़ी, वेदिका वेद, सुरेंद्र रावत, सुरेश नेगी, सुरेश कुमार, विनोद असवाल, जीतपाल बर्त्वाल, पुष्कर बहुगुणा, प्रमोद पंत, अरविंद गुप्ता, धर्मपाल रावत, कुसुम बिष्ट, अनु कपूर, राजेश्वरी रावत, लक्ष्मी रावत, भूपेंद्र कठैत, अधिवक्ता अव्वल सिंह नेगी, नमन चंदोला, वीर सिंह रावत आदि मौजूद रहे।