Monsoon Rainfall: देहरादून में छह डिग्री लुढ़का पारा, बागेश्वर में बिजली गिरने से 400 बकरियों की मौत
Uttarakhand Monsoon Today : दून में बारिश के कारण पारा छह डिग्री लुढ़क कर 26 डिग्री पर पहुंच गया। इसके अलावा जिले की तीन नदियों का जलस्तर बढ़ गया।
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मानसून के उत्तराखंड में कदम रखते ही लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। देहरादून जिले में रविवार तड़के से शुरू हुई बारिश रुक-रुककर पूरे दिन जारी रही। इससे सड़कों पर मलबा आने, भू-स्खलन और भू धंसाव के कारण जिले में 15 मोटर मार्गाें पर यातायात बंद हो गया। साथ ही नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के आसपास आ गया, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की सांसें अटकी रहीं। उधर, दून में बारिश के कारण पारा छह डिग्री लुढ़क कर 26 डिग्री पर पहुंच गया।
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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार चार राज्य मार्ग सहिया-क्वानू मोटर मार्ग, तारलीखुड, कोठा बैंड, हरिपुर इच्छाडी क्वानू मिनस मोटर मार्ग, चकराता लाखमंडल मोटर मार्ग और दारगाड-कथियान मोटर मार्ग भू-स्खलन होने से बंद हो गए। वहीं, एक मुख्य जिला मार्ग कालसी बैराज खाई मोटर मार्ग समेत एक अन्य जिला मार्ग खारसी मोटर मार्ग मलबा आने से बंद रहे। उधर, ग्रामीण मार्ग मौलधार-सेरकी-सिल्ला मोटर मार्ग, पुरोडी हयो टगरी, बना चिल्हार मोटर मार्ग्र डिमिच मोटर मार्ग, दमन से देसऊ मोटर मार्ग, परिहार से सिमोग मोटर मार्ग, खारसी मोटर मार्ग और पिवनाल मोटर मार्ग बंद हो गए। सहस्त्रधारा-कार्लीगाड-सरोना मोटर मार्ग सड़क धंसने से बंद रहा।
इसके अलावा जिले की तीन नदियों का जलस्तर बढ़ गया। त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी, डाकपत्थर पर यमुना नदी और इच्छाड़ी की टोंस नदी का जल स्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया। जानकारी के अनुसार गंगा नदी का स्तर 338.25 मीटर पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 340.50 मीटर है। यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान से सिर्फ .55 मीटर नीचे 454.82 मीटर पर रहा। टोंस नदी का जलस्तर करीब खतरे के निशान पर 644.60 मीटर रहा।
बागेश्वर में बिजली गिरने से 400 बकरियों की मौत
कुमाऊं मंडल में रविवार को हुई बारिश ने जहां गर्मी से निजात मिली वहीं जगह-जगह मार्ग बाधित हो गए। सड़क बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बागेश्वर के कपकोट के झूनी स्थित पांखूटॉप बुग्याल में बिजली गिरने से चार सौ से अधिक बकरियों की मौत हो गई। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रविवार को 93 प्रतिशत आर्द्रता के बीच उत्तर-पूर्व दिशा में 10.8 किमी. प्रतिघंटा के वेग से हवा चली। सोमवार को मैदानी क्षेत्रों में मध्यम (35 मिमी) जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी (60-80 मिमी) बारिश होने का अनुमान है।
पिथौरागढ़ जिले में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से 10 ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। मुनस्यारी और धारचूला में सबसे अधिक बारिश हुई। बाटनागाड़ में सड़क पर मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब चार घंटे बाधित रहा। चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क 12 घंटे बाद खुली। सड़क बंद होने से पूजा के जा रहे कई लोग और 20 से अधिक वाहन फंस गए थे।
चंपावत जिले में मौसम सामान्य रहा। शनिवार रात को 18 मिलीमीटर बारिश हुई लेकिन रविवार सुबह 11 बजे बाद से देर शाम तक आसमान में हल्के बादल छाए रहे। बागेश्वर में जिला मुख्यालय के साथ कपकोट, कौसानी, कांडा क्षेत्र में कई घंटे तक काफी तेज बारिश हुई। कपकोट क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण सरयू का जलस्तर बढ़ गया है। अल्मोड़ा में कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस कारण तापमान चार डिग्री कम हो गया।
हल्द्वानी में रविवार सुबह छह बजे से आधे घंटे तक बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। शाम के समय हल्की धूप भी निकल गई। बारिश होने से तापमान में काफी गिरावट आ गई। तराई में लंबे इंतजार के बाद रविवार को मेघ बरसे। सुबह करीब पौने पांच बजे शुरू हुई बारिश के बाद दिनभर हल्की बूंदाबांदी जारी रही।