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टिहरी से इलाज को आई महिला के खाते से उड़ाई रकम
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देहरादून। टिहरी से इलाज कराने आई महिला को झांसा देकर अस्पताल कर्मी बनकर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते में सेंध लगा दी। रुपये न होने के कारण महिला और उसका भाई भटकता रहा, लेकिन साइबर थाने में शिकायत के बाद महिला के खाते में 40 हजार रुपये वापस आ सके।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बीते दिनों टिहरी से एक व्यक्ति अपनी बहन के साथ इलाज के लिए अस्पताल आया था। इसी बीच उसकी बहन के पास किसी का फोन आया और खुद को अस्पताल का अधिकारी बताने लगा। फोन करने वाले ने महिला को एक ओटीपी भेजा और भुगतान के नाम पर यह ओटीपी पूछ लिया। देखते ही देखते महिला के खाते से 57 हजार रुपये कट गए।
एसएसपी ने बताया कि इस पर साइबर थाने के दरोगा राजेश ध्यानी ने जांच शुरू की। पता चला कि यह रकम एक ई-वॉलेट में गई है। संबंधित वेबसाइट से पत्राचार के बाद कुल 40 हजार रुपये महिला को वापस करा दिए गए। इधर, एक पूर्व सैन्य अधिकारी ओएलएक्स पर एक गाड़ी का विज्ञापन देखकर ठगे गए। उनके खाते से ठगों ने कई बार में 35 हजार रुपये निकाल लिए। जांच के बाद संबंधित बैंक खातों को साइबर थाना पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। मामले में जांच के लिए सहसपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है।
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क्रेडिट कार्ड से ठगों ने की शॉपिंग
राजपुर रोड निवासी एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से ही ठगों ने 28 हजार रुपये से ज्यादा की शॉपिंग कर ली। व्यक्ति ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि उन्होंने 36 हजार रुपये की शॉपिंग की थी। इसके बाद इस रकम का उन्होंने भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बाद उनके कार्ड से 28 हजार रुपये की फिर शॉपिंग की गई। साइबर थाना इंस्पेक्टर निर्मल भट्ट ने इस मामले में रोजर पे, मोबि क्विक और बैंक ऑफ बड़ौदा से बात कर रुपये वापस कराने का आग्रह किया है।
साइबर सुरक्षा टिप
- कभी भी अपनी व्यक्तिगत या बैंक डिटेल्स फोन व वाट्सअप कॉल पर किसी से साझा न करें। कोई भी बैंक या वॉलेट आपको फोन कर आपकी बैंकिग डिटेल नहीं मांगता है।
- गूगल या अन्य किसी सर्च इंजन पर किसी कंपनी/ बैंक का कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें। कस्टमर केयर का नंबर संबंधित कंपनी/ बैंक की अधिकारिक वेबसाइट से ही देखें।
-कभी भी किसी से अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर न करें। कोई भी बैंक या वॉलेट आपको फोन कर आपकी बैंकिग डिटेल नहीं मांगता है।
- फेसबुक, मैट्रीमोनियल साइट्स, डेटिंग एप्प व अन्य सोशल साइट्स में किसी भी अज्ञात व्यक्ति/महिला से मित्रता न करें न ही उसके बहकावें में आएं।
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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बीते दिनों टिहरी से एक व्यक्ति अपनी बहन के साथ इलाज के लिए अस्पताल आया था। इसी बीच उसकी बहन के पास किसी का फोन आया और खुद को अस्पताल का अधिकारी बताने लगा। फोन करने वाले ने महिला को एक ओटीपी भेजा और भुगतान के नाम पर यह ओटीपी पूछ लिया। देखते ही देखते महिला के खाते से 57 हजार रुपये कट गए।
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एसएसपी ने बताया कि इस पर साइबर थाने के दरोगा राजेश ध्यानी ने जांच शुरू की। पता चला कि यह रकम एक ई-वॉलेट में गई है। संबंधित वेबसाइट से पत्राचार के बाद कुल 40 हजार रुपये महिला को वापस करा दिए गए। इधर, एक पूर्व सैन्य अधिकारी ओएलएक्स पर एक गाड़ी का विज्ञापन देखकर ठगे गए। उनके खाते से ठगों ने कई बार में 35 हजार रुपये निकाल लिए। जांच के बाद संबंधित बैंक खातों को साइबर थाना पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। मामले में जांच के लिए सहसपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है।
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क्रेडिट कार्ड से ठगों ने की शॉपिंग
राजपुर रोड निवासी एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से ही ठगों ने 28 हजार रुपये से ज्यादा की शॉपिंग कर ली। व्यक्ति ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि उन्होंने 36 हजार रुपये की शॉपिंग की थी। इसके बाद इस रकम का उन्होंने भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बाद उनके कार्ड से 28 हजार रुपये की फिर शॉपिंग की गई। साइबर थाना इंस्पेक्टर निर्मल भट्ट ने इस मामले में रोजर पे, मोबि क्विक और बैंक ऑफ बड़ौदा से बात कर रुपये वापस कराने का आग्रह किया है।
साइबर सुरक्षा टिप
- कभी भी अपनी व्यक्तिगत या बैंक डिटेल्स फोन व वाट्सअप कॉल पर किसी से साझा न करें। कोई भी बैंक या वॉलेट आपको फोन कर आपकी बैंकिग डिटेल नहीं मांगता है।
- गूगल या अन्य किसी सर्च इंजन पर किसी कंपनी/ बैंक का कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें। कस्टमर केयर का नंबर संबंधित कंपनी/ बैंक की अधिकारिक वेबसाइट से ही देखें।
-कभी भी किसी से अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर न करें। कोई भी बैंक या वॉलेट आपको फोन कर आपकी बैंकिग डिटेल नहीं मांगता है।
- फेसबुक, मैट्रीमोनियल साइट्स, डेटिंग एप्प व अन्य सोशल साइट्स में किसी भी अज्ञात व्यक्ति/महिला से मित्रता न करें न ही उसके बहकावें में आएं।