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जेपी जोशी प्रकरणः अब पीड़िता पर शिकंजा कसेगी पुलिस

Wed, 04 Dec 2013 10:55 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 04 Dec 2013 10:55 AM IST
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molestation case, victim arrested soon

यौन उत्पीड़न मामले में देहरादून पुलिस ने दस दिन बाद मंगलवार को अपर सचिव जेपी जोशी को गिरफ्तार करके भले ही जेल भेज दिया, लेकिन उसकी जांच की कड़ी पीड़िता के ही इर्द-गिर्द घूम रही है।

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कानून के जानकार बताते हैं कि पुलिस के जांच दल ने अपनी जांच में जो साक्ष्य जुटाए हैं वह जोशी के खिलाफ कम, पीड़िता के विरुद्ध अधिक इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
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पीड़िता को गिरफ्तार कर सकती है पुलिस
जोशी की गिरफ्तारी के बाद डीजीपी का यह कहना कि सीडी जोशी ने नहीं, बल्कि पीड़िता ने बनाई है, इस बात का संकेत है कि पुलिस आगे चलकर पीड़िता को गिरफ्तार कर सकती है।
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पढ़ें, यौन शोषण के आरोपी अपर सचिव गिरफ्तार

वैसे भी जोशी ने पीड़िता के खिलाफ पहले ही ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज करा रखा है। पुलिस को इस मामले भी कार्रवाई करनी ही है। मामले में पुलिस की नीयत पर शुरू से ही संदेह जताया जा रहा है।

ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि पुलिस किसी दबाव में कार्य कर रही है। हालांकि, पुलिस इन आरोपों से इनकार करती रही है लेकिन जोशी की गिरफ्तारी में हुई देरी इसी ओर इशारा करती है।

पुलिस की मंशा पर सवाल
यही नहीं, पीड़िता भी पुलिस की मंशा पर सवाल उठा चुकी है। उसे उत्तराखंड पुलिस पर यकीन नहीं था इसी वजह से उसने मामले को दिल्ली में दर्ज कराया। उसने यह भी आरोप लगाया है कि दून में उसकी जान को खतरा है।

अपनी गिरफ्तारी की आशंका में ही पीड़िता अब तक पुलिस के सामने नहीं आ रही है। इतना ही नहीं वह तो केस को किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने पर भी अपने वकील से सलाह कर रही थी।

पढ़ें, आपदा पीड़ितों की जगह किया एविएशन कंपनियों का 'भला'


हालांकि अभी वह ट्रांजिट बेल पर है लेकिन उसे आशंका है कि जैसे ही उसकी जमानत की अवधि खत्म होगी पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी।

एलआईयू और आईबी रही मौजूद
जोशी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के साथ ही एलआईयू और आईबी भी सक्रिय हो गई थी। खुफिया एजेंसियां पल-पल की जानकारी जुटाकर अपने आला अधिकारियों को भेज रही थीं।

सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों के माध्य से शासन में बैठे अधिकारी मामले से हर पल अपडेट हो रहे थे। सरकार को भी एक-एक घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही थी।

कई थानों की पुलिस भी रही
जोशी की गिरफ्तारी के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स को मंगाया गया था। सूत्र बताते हैं कि पुलिस को आशंका थी कि जोशी की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग हंगामा कर सकते हैं। इसलिए उसने कई थानों की पुलिस को जुटा लिया था।

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