भागवत ने बताया आरक्षण समीक्षा का फॉर्मूला, आप भी जानिए
देहरादून पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर से आरक्षण की समीक्षा की बात की। कहा कि समय आ गया है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाए और इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। सोमवार को श्री दरबार साहिब पहुंचे संघ प्रमुख ने कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर भी विचार किया जाना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने तीन सुझाव भी दिए।
श्री दरबार साहिब के श्री महंत देवेंद्र दास ने संघ प्रमुख को सुझाव दिया कि आरक्षण व्यवस्था पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। समिति तय करे कि कितने लोगों को और कितने वर्षों तक आरक्षण देने की जरूरत है, जिससे समाज में व्याप्त असमानता को दूर किया जा सके।
बढ़ती जनसंख्या पर संघ प्रमुख ने तीन सुझाव दिए। कहा कि हमें सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि दस साल बाद हम कितने लोगों का पालन-पोषण कर सकते हैं। दूसरा, दस साल बाद हम कितने लोगों को रोजगार दे सकते हैं। तीसरा, दस साल बाद यह देखना चाहिए कि देश के निर्माण में कितने प्रतिशत युवा सहभागिता निभा पाएंगे।
इंटरनेट के संबंध में चल रही चर्चाओं पर संघ प्रमुख ने कहा कि इंटरनेट विज्ञान की देन है। इस पर प्रतिबंध लगाने के बजाय अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को ऐसे संस्कार दें कि बच्चे खुद ही हर बुरी चीज से दूर रहें।
दरबार साहिब और एजुकेशन ट्रस्ट से दिखे प्रभावित
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने श्री दरबार साहिब मत्था टेका। इसके बाद दरबार साहिब का भ्रमण किया। भीड़ वाले इलाके में यहां की शांति से प्रभावित नजर आए। संघ संचालक ने कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक संस्था श्री गुरु राम राय दरबार साहिब का समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है।
उत्तराखंड ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों में दरबार साहिब ने स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में जो अलख जगायी है, वह सराहनीय है। श्री महंत देवेंद्र दास ने संघ प्रमुख को दरबार साहिब के तहत संचालित होने वाले एसजीआरआर एजुकेशन मिशन के शिक्षण संस्थानों की जानकारी दी।
संघ प्रमुख ने वादा किया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से जो भी संभव होगी, मदद की जाएगी। संघ प्रमुख ने कई विषयों पर श्री महंत देवेंद्र दास के साथ दो घंटे तक चर्चा की। संघ प्रमुख ने दोपहर का भोजन श्री दरबार साहिब में ही किया।