मोदी सरकार ने एक वर्ष में लिए बड़े और महत्वपूर्ण फैसले: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- रक्षा क्षेत्र किया मजबूत, तीन तलाक, धारा 370 और राम मंदिर जैसे कई बड़े निर्णय हुए
विस्तार
नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दी गई। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया। उन्होंने कहा कि कारपोरेट टैक्स और आयकर में रियायत दी गईं। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की गई। हर घर जल, हर घर नल योजना पर चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है। एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू की गई है।
उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सही समय पर लिए गए सही निर्णय से भारत में कोरोना वायरस से उतना नुकसान नहीं हुआ जैसी कि आशंका जताई जा रही थी। लॉकडाउन से संक्रमण की दर को नियंत्रित किया गया। बेहतर व्यवस्था से कोरोना संक्रमण मामलों में मृत्यु दर भारत में 2.9 प्रतिशत रही जबकि वैश्विक मृत्यु दर इससे कहीं अधिक है।
अस्पतालों में पीपीई किट, टैस्टिंग किट, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। देश में आज लगभग 4.5 लाख पीपीई किट का रोजाना उत्पादन हो रहा है। इस दौरान आम जन को राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश की गई है। उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं। 8 करोड़ लोगों 5 किलो चावल या गेहूं और 1 किलो दाल तीन माह तक निशुल्क दी जा रही है।
देश के करीब 9 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत दो-दो हजार रुपये डाले गए। करीब 3 करोड़ वृद्ध, विधवा, दिव्यांग जनों को 3 माह की पेंशन एडवांस दी गई। लगभग 40 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में डीबीटी से पैसा भेजा गया। 2 करोड़ से अधिक श्रमिकों को आर्थिक मदद मुहैया करवाई गई।
प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज प्रदान किया
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज प्रदान किया, जिससे आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इस पैकेज से मजदूरों, किसानों और गांवों को मजबूती मिलेगी। इसमें एमएसएमई सेक्टर को भी बूस्ट करने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
इसका फायदा राज्य के एमएसएमई क्षेत्र को भी मिलेगा। मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आंवटन करने से गांवों में रोजगार के अवसर बड़ी संख्या में उपलब्ध होंगे। इससे विशेष तौर अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को काम मिलेगा।
कर्मचारियों को राहत देते हुए अब अगले तीन माह तक पीएफ में अंशदान का भुगतान सरकार करेगी, जिसपर 2500 करोड़ का खर्च आएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक व्यय को बढ़ाने से स्वास्थ्यगत ढांचा मजूबत होगा। हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में सुविधाएं बढेंगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर संक्रामक रोग अस्पताल और पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना से हेल्थ सिस्टम का गांवों तक विस्तार होगा।
राज्यों के लिए उधार की सीमा को जीएसडीपी के 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। इससे राज्यों को वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में 14 फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी की है। किसानों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए व्यवस्था की गई है। लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहें, इसके लिए केंद्र सरकार ने उनकी हर जरूरत का ध्यान रखा।
लॉकडाउन में पीएम किसान फंड में 18700 करोड़ और पीएम फसल बीमा के लाभार्थियों को 6400 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। पीएम मत्स्य संपदा योजना में 20 हजार करोड़ का प्रावधान है। कृषि का आधारभूत ढांचा बनाने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना लाई गई है। 3 करोड़ छोटे व सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।