उत्तराखंडः भारी बर्फबारी से मोबाइल सेवा ठप
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दो दिन से हो रही भारी बर्फबारी के चलते उत्तराखंड के कई हिस्सों में मोबाइल सेवा ठप हो गई है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का दावा है कि समस्या का समाधान करने में कम से कम चार दिन का वक्त लगेगा।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में बीएसएनएल के कुल 461 टावर हैं, जिनमें से 80 ठप हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने और संपर्क मार्ग कट जाने से मरम्मत का काम भी नहीं हो पा रहा है।
संचार सेवा के लिए कुछ स्थानों पर डीजल से बेस ट्रांस रिसीवर स्टेशन (बीटीएस) चलाया जा रहा है, लेकिन इसका बैकअप बेहद कम है। श्रीनगर डिवीजन के चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी में बीएसएनएल के 211 टावरों मे से 25 ठप हैं।
बीएसएनएल के जीएम(महाप्रबंधक) श्रीनगर एमपी गुप्ता के मुताबिक संचार सुचारु होने में तीन-चार दिन का वक्त लगेगा।
पटरी पर नहीं आ रही व्यवस्था
बर्फबारी से पहाड़ी क्षेत्रों में बिगड़ी व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। सड़क, बिजली, पानी के साथ रोजमर्रा के सामानों की किल्लत लोगों को तंग कर रही है।
चमोली जिले के दशोली, जोशीमठ, पोखरी और घाट विकासखंडों के 28 गांवों में बिजली गुल है। जिले की 14 सड़कें अब भी बर्फ से पटी हैं। ऊखीमठ सब स्टेशन के तहत 26 गांवों में आंशिक और आठ गांवों में बिजली पूरी तरह ठप है।
स्थानीयों का कहना है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोई शासन-प्रशासन ने पहले से कोई इंतजाम नहीं किया था। कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में हालात अब सुधरते जा रहे हैं लेकिन पूरी तरह स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।