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मुसीबत में हों तो मोबाइल को दें झटका, बच जाएंगे आप

Tue, 28 Jan 2014 11:10 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 28 Jan 2014 11:10 AM IST
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mobile cop will save your life

रास्ते में जाते हुए अचानक हादसा हो जाए या फिर कोई आप पर हमला कर दे और ऐसे में मोबाइल बिना बताए ही आपकी परेशानी हल कर दे तो कितना अच्छा होगा।

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हादसे से बचाएगा यह एप
इसी सोच के साथ देहरादून के गुनदीप बिंद्रा ने बनाया है विशेष एंड्रायड एप ‘मोबाइल कॉप’। यह ऐप हादसे के वक्त मोबाइल को लगने वाले झटके के आधार पर काम करता है।
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देहरादून के डालनवाला निवासी गुनदीप ने प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से प्राप्त करने के बाद एसआरएम यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। इसके बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क से कंप्यूटर साइंस में एमएससी।
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गुनदीप हमेशा से ही आम जनता की सुरक्षा वाले मोबाइल ऐप बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रयास शुरू किया। करीब तीन माह की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार गुनदीप को सफलता मिल गई।

यह ऐप न्यूयॉर्क पुलिस को भी पसंद आया और वह इसे अपने प्रोजेक्ट में शामिल करने जा रही है। जल्द ही यह ऐप न्यूयॉर्क में लांच होने वाला है। गुनदीप ने बताया कि वह उत्तराखंड पुलिस के लिए भी इस ऐप को लांच करना चाहते हैं, ताकि यहां की जनता भी इसका लाभ उठा सके।

ऐसे काम करता है ‘मोबाइल कॉप’
मोबाइल में दो सेंसर होते हैं, एक्सेलेरोमीटर और जाइरोमीटर। मोबाइल कॉप में इन दोनों तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

मुसीबत की घड़ी में अभी तक मौजूद ऐप्स से संदेश भेजने के लिए मोबाइल निकालकर एक बटन दबाना जरूरी होता था। गुनदीप का मानना है कि मुसीबत के वक्त मोबाइल निकालना बहुत मुश्किल है।

मोबाइल कॉप ऐप मोबाइल को लगे झटके के आधार पर लोकल पुलिस और परिचितों को आपकी लोकेशन एसएमएस से भेज देता है।

इसके अलावा किसी खतरे में फंस गए हैं तो तुरंत नीचे गिर जाएं, इससे मोबाइल को झटका लगेगा और यह ऐप एसएमएस भेज देगा।

हाथ से गिरने पर नहीं जाएगा संदेश
इस मोबाइल ऐप की सेटिंग यूजर खुद कर सकता है। इसमें तीन लेवल ईजी, मीडियम और हार्ड रखे गए हैं। अगर ईजी लेवल पर रखेंगे तो मोबाइल हाथ से गिरने पर भी संदेश चला जाएगा, लेकिन हार्ड लेवल पर ऐसा नहीं होगा।


आज मोबाइल की दुनिया भी नई क्रांति से रूबरू हो रही है। अब दिनभर में आप कितने कदम चले हैं, इसकी जानकारी भी मोबाइल से लग जाती है। यह मोबाइल ऐप ऐसी ही किसी तकनीक पर आधारित होगा। यह अच्छा प्रयास है।
- सुनील रावत, तकनीकी विशेषज्ञ

मोबाइल ऐप यदि जनता की सुरक्षा के नजरिए से बेहतर है तो हम इसे एक बार देखना चाहेंगे। हमारी टीम इसे जांच कर दून पुलिस के लिए लांच करना चाहेगी। यह सराहनीय प्रयास है।
- केवल खुराना, एसएसपी, देहरादून

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