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दारोगा रैंकर परीक्षा में उजागर हुआ बड़ा गड़बड़ झाला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Jan 2016 11:34 AM IST
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विवादों में रही उत्तराखंड की दारोगा रैंकर परीक्षा में बड़ा गड़बड़ झाला उजागर हुआ है। कई स्तरों पर जांच के बाद तीन अभ्यर्थियों के करेक्टर रोल (कोर्स) के नंबर नहीं जोड़े जाने उन्हें चयनित सूची से बाहर कर दिया गया।
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आपत्ति के बाद पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू द्वारा कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी है। तीन नए अभ्यर्थियों के मेरिट में आने के बाद लिस्ट में नीचे रहे तीन प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग से बाहर कर दिया गया। डीजीपी ने भर्ती कमेटी प्रभारी से जवाब-तलब करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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दारोगा रैंकर की लिखित परीक्षा के बाद एक के बाद एक सात याचिकाएं नैनीताल हाईकोर्ट में दायर होने से परीक्षा परिणाम पर रोक लग गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने पिछले बृहस्पतिवार को 304 पदों के लिए हुई परीक्षा में 279 चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता क्रम की सूची जारी कर दी।
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दारोगा के 25 पदों के परीक्षा परिणाम को हाईकोर्ट के अगले आदेश तक रोक दिया गया है। इन पदों पर आईआरबी और पीएसी की दावेदारी पर विवाद है। दारोगा बने अभ्यर्थियों का नौ जनवरी से पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण भी शुरू हो गया।
इसी बीच बुधवार को देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के तीन अभ्यर्थियों ने भर्ती कमेटी के अलावा डीजीपी से मिलकर करेक्टर रोल के नंबर नहीं जोड़े जाने की शिकायत की। डीजीपी ने तत्काल मामले की जांच कराई तो नंबर नहीं जोड़े जाने की चूक उजागर हुई। इसके बाद पुलिस मुख्यालय में अफरातफरी मच गई।
इन स्तरों पर हुई जांच
अभ्यर्थियों के करेक्टर रोल में दिए गए नंबरों का डाटा जिला स्तर से बनाकर रेंज स्तर पर भेजा गया। इसके बाद भर्ती कमेटी को मिला था। तीनों स्तरों पर नंबरों की जांच पड़ताल की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन यह चूक कहीं नहीं पकड़ी गई।
तीन अभ्यर्थियों के नंबर नहीं जुड़ने के पीछे किसी की बदनीयती नहीं है, लेकिन यह बड़ी लापरवाही जरूर है। परीक्षा में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। अभ्यर्थियों द्वारा नंबर सीट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह मामला संज्ञान में आया तो मेरिट के आधार पर नए तीन अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग में भेजने और तीन को ट्रेनिंग से बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले से लेकर भर्ती कमेटी तक लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बीएस सिद्धु, पुलिस महानिदेशक