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परमाणु परीक्षण सरीखा ही है मिशन शक्ति, विशेषज्ञों ने बताए कई रोचक तथ्य

Thu, 28 Mar 2019 11:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 28 Mar 2019 11:20 AM IST
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mission shakti is like nuclear testing, many interesting facts given by experts
मिशन शक्ति - फोटो : अमर उजाला

भारत के ‘मिशन शक्ति’ को 21 साल पहले हुए परमाणु परीक्षण सरीखा ही बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से हमने 21 साल पहले दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था। बुधवार को भी कुछ इसी अंदाज में भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है।

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यदि कोई शत्रु राष्ट्र हमारी सेटेलाइट को नुकसान पहुंचाता है या कोशिश करता है तो इसके लिए उसे सौ बार सोचना होगा कि भारत भी उन्हें इसी भाषा में और ज्यादा घातक नुकसान पहुंचाने में सक्षम हो गया है। 

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देश की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूती मिलेगी

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) केजी बहल ने इस मिशन के बारे में कहा कि इससे देश की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है कि हम दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गए हैं जिनके पास इस तरह की शक्ति है।

इस मिशन से देश की सुरक्षा तो मजबूत होगी ही साथ ही साथ भारत की सेना का मनोबल भी बढ़ेगा। देश के वैज्ञानिकों ने इस उपलब्धि को हासिल कर बता दिया है कि भारत भी अब बड़े से बड़े खतरे से निपटने को तैयार है। 

भारत की सैन्य क्षमता को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष शमशेर बिष्ट ने कहा कि 21 साल पहले भारत ने परमाणु परीक्षण किया था। उस वक्त भी राष्ट्र के वैज्ञानिकों ने बताया था कि हम अब किसी से कम नहीं हैं। हमारी सरकार भी मजबूती के साथ दुनिया के सामने खड़ी हुई थी और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद हमने अपने कार्यक्रमों को जारी रखा था। इसी तरह ‘मिशन शक्ति’ का सबसे बड़ा लाभ भारत की सैन्य क्षमता को ही मिलेगा। भविष्य में युद्ध की परिभाषा यही होने वाली है कि किस तरह से कम से कम संसाधन इस्तेमाल करके शत्रु राष्ट्र का बड़े से बड़ा नुकसान पहुंचाया जा सके।

हमारे पास भी अब यह क्षमता होने से हम किसी शत्रु राष्ट्र को यह बताने में सक्षम हो गए हैं कि यदि वह इस तरह का कोई कदम उठाता है तो उसके लिए भी हमारे पास जवाब है। भारत एक इकलौता देश है जो दोनों ओर से परमाणु शक्ति संपन्न देशों से घिरा है और दोनों से संबंध मधुर नहीं हैं। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा और चीन बात-बात पर हमारे प्रयासों को विफल करने में लगा हुआ है। ऐसे में दोनों ही देशों के लिए भारत के वैज्ञानिकों का यह एक कड़ा जवाब है। 

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अचानक पीएम मोदी के संबोधन लेकर मच गई हलचल

बुधवार की सुबह जैसे ही पीएम मोदी के जनता से रूबरू होने की खबर जनता तक पहुंची तो लोगों में हलचल मच गई। तरह-तरह की कयासबाजी होने लगी। लोग टीवी से चिपक गए। सुबह 11:30 बजे से ही लोग पीएम मोदी के 12 बजे टीवी पर आने का इंतजार करने लगे। कोई सोशल मीडिया तो कोई आपस में ही पीएम मोदी के टीवी पर आने को लेकर चर्चा करता नजर आया। कई लोगों को पीएम मोदी का नोटबंदी का संबोधन भी याद आ गया।

 

आखिरकार, पीएम का संबोधन शुरू हुआ तो जो जहां था वहीं टीवी पर चिपक गया। जो लोग टीवी नहीं देख पा रहे थे, उन्होंने यूट्यूब पर पूरा संबोधन लाइव देखा। केशव विहार निवासी अर्जुन का कहना है कि पीएम मोदी ने देश को महाशक्ति बनाने की जो जानकारी दी है, वह सुनकर दिख खुश हो गया। अजबपुर निवासी आशीष ने कहा कि पीएम मोदी ने तकनीकी की दिशा में भी चार कदम आगे बढ़ाते हुए देश को पहचान दिलाई है। तमाम लोग देश के महाशक्ति बनने पर खुश नजर आए।

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