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आपदा में मारे गए लोगों का डेथ सर्टिफिकेट मिला
अमर उजाला, ऊखीमठ, गुप्तकाशी
Updated Mon, 14 Oct 2013 07:59 PM IST
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केदारनाथ जलप्रलय में लापता लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का काम शुरू कर दिया गया है। सोमवार को लापता 30 लोगों के परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
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16/17 जून के जल प्रलय में केदारनाथ, गौरीकुंड और रामबाड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में जिले के 647 लोग लापता हो गए थे।
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पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा
शासन के निर्देश पर प्रशासन ने लापता लोगों को मृतक मानते हुए उनके आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा तो दे दिया, लेकिन तकनीकी अड़चन की वजह से मृत्यु प्रमाणपत्र वितरित नहीं किए गए थे।
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शासन ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि लापता लोगों को मृत घोषित करने के लिए आपत्तियां मांगी जाए। प्रशासन एक माह पूर्व यह कार्य कर चुका है।
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डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का काम शुरू
शासन की अनुमति मिलने पर जिला प्रशासन ने सोमवार से डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का काम शुरू कर दिया। ऊखीमठ के उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि 30 लापता लोगों के आश्रितों को मृत्यु प्रमाणपत्र वितरित कर दिए गए हैं।
जिले में मृतक घोषित करने संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद मृतकों के आश्रितों को प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। इसके लिए आश्रित से आवेदन पत्र के साथ ही शपथ पत्र और अन्य सभी आवश्यक प्रमाणपत्र जमा कराए जा रहे हैं।
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आश्रितों में दिखी नाराजगी भी
मृत्यु प्रमाण पत्र वितरण की सुस्त गति से लापता लोगों के परिजनों में नाराजगी भी दिखाई दी। नागजगई से अपने परिचित का प्रमाण पत्र लेने पहुंचे राज्य आंदोलनकारी महेश चंद्र तिवारी ने बताया कि उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर 29 सितंबर को तहसील प्रशासन के आवेदन उपलब्ध करा दिया था, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बना है।