शादी से लौटते वक्त हुए थे लापता, अब 29 साल बाद मृत घोषित हुए स्वतंत्रता सेनानी
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उत्तराखंड में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मंजू देवी की अदालत ने 29 साल से लापता स्वाधीनता सेनानी को मृत घोषित कर दिया गया है। अब सेनानी के पुत्र को पैतृक संपत्ति का अधिकार मिल जाएगा।
चमोली के देवलधार गांव के स्वाधीनता संग्राम सेनानी कुर्मानंद डिमरी 7 जून 1990 को ऋषिकेश में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे उसके बाद लापता हो गए थे। परिजनों के अनुसार, ऋषिकेश थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
गुमशुदा डिमरी को ढूंढने के लिए उनके पुत्र हरिशरण डिमरी समेत परिजनों ने नाते-रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला । पिता के लापता होने से उनके पुत्र को पैतृक संपत्ति का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा था।
लिहाजा लापता स्वाधीनता संग्राम सेनानी के पुत्र हरिशरण डिमरी ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) न्यायालय में 25 अप्रैल 2018 को दीवानी वाद दायर किया । सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को मामले में सिविल जज (जूनियर डिविजन) मंजू देवी की अदालत ने कुर्मानंद डिमरी को मृत घोषित किया।