भाई-भाभी की डांट से घर छोड़ा, गूगल ने खोजा
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गूगल की मदद से हरिद्वार की कनखल पुलिस ने यूपी के फैजाबाद में एक परिवार की खुशियां लौटा दी। छह माह से लापता बेटी के मिलने पर माता-पिता भी खुशी से झूम उठे। गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाले अभिभावक बार-बार पुलिस का धन्यवाद करते रहे।
दो दिन पूर्व कनखल पुलिस को क्षेत्र में घूमते हुए एक बारह वर्षीय किशोरी मिली थी। थाने लाकर की गई पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम सुमन पुत्री रामनरेश बताया था। उसने बताया था कि वो फैजाबाद की रहने वाली है, लेकिन उसे अपने गांव का नाम नहीं पता है।
एसओ रितेश शाह ने बताया कि गूगल पर फैजाबाद जिले के गांव के नाम खोजे गए। इसमें से किशोरी ने एक गांव पुराया को अपना गांव बताया। फिर गांव के थाना क्षेत्र पटरंगा का नंबर खोजा गया।
हरिद्वार में भीख मांगती थी
पटरंगा पुलिस की मदद से गांव के प्रधान से संपर्क किया गया। तब कहीं जाकर किशोरी के पिता से संपर्क हो पाया। एसओ ने बताया कि किशोरी का भाई हिमाचल प्रदेश के पावंटा में नौकरी करता है और छह माह पूर्व उसी के साथ गई थी, लेकिन भाई-भाभी के डांटने पर राखी से अगले दिन ही वो बिना बताए चली गई थी।
तब से वो हरिद्वार में रहकर भीख मांगकर गुजर बसर कर रही थी। पुलिस की सूचना पर सोमवार को माता पिता एवं भाई पहुंच गए। एसओ ने बताया कि छह माह बाद बेटी को पाकर पूरा परिवार भावुक हो गया। पुत्री को पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इससे पहले किशोरी ने भाई के साथ जाने से इंकार कर दिया था।