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देखें, इस तरह ब्लैक मनी को 'व्हाइट' करता है मिनोचा फर्नीचर

Fri, 04 Sep 2015 01:06 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 04 Sep 2015 01:06 PM IST
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minocha furniture showroom sealed in money laundering.

साउथ इंडियन बैंक घोटाला प्रकरण में हुई मनी लॉंड्रिंग के मामले में उत्तराखंड प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिनोचा फर्नीचर पर शिकंजा कस दिया है। फर्म के दून स्थित मोती बाजार में आठ शो रूम अटैच कर लिए हैं। किस तरह काले धन को सफेद धन में बदला जाता है? जानने के लिए पढ़ें...

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शो रूम और इसके पीछे बने गोदामों को ईडी ने सील करके अपना ताला लगा दिया। इस प्रकरण से संबंधित दून और हरिद्वार स्थित परिसरों को अभी अटैच किया जाना है। ईडी ने मिनोचा फर्नीचर की अभी साढ़े ग्यारह करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति अटैच की है।
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ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर पीके चौधरी की अगुवाई में अफसरों की टीमों ने गुरुवार सुबह मोतीबाजार स्थित मिनोचा फर्नीचर के शो रूमों को सील किया।

ईडी का कहना है कि मनी लॉड्रिंग एक्ट-2002 के सेक्शन 8(4) के तहत संपत्ति अटैच की गई है। 34 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का मामला है। अभी तक सिर्फ साढ़े ग्यारह करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है। इस मामले में अभी और कार्रवाई होनी बाकी है।
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ईडी ने दो दिन पहले नोटिस दिया और आज (गुरुवार) कब्जा ले लिया। नोटिस मिलने के बाद शो रूमों और गोदाम से सामान हटा लिया था।
- संजय मिनोचा, फर्म मालिक

फर्जी खातों के जरिये किया घोटाला

minocha furniture showroom sealed in money laundering.

साउथ इंडियन बैंक की राजपुर रोड स्थित शाखा से फर्जी खाते खोलकर 34 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया था। यह घोटाला वर्ष 2009 से 2012 तक ऋण देने के नाम पर किया जाता रहा। जब रिकवरी का मामला उठा तो राजफाश हो गया।

इसमें बैंक के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार आर. और सहायक प्रबंधक जैकब अवूर की मिलीभगत उजागर होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस वक्त दोनों जमानत पर छूटे हुए हैं।

मामले की छानबीन में पता चला कि फर्जी कागजात पर बैंक ऋण देता रहा। ऋण का पैसा पहले फर्जी खातों में जमा हुआ। इसके बाद इसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता रहा। जांच में पता चला कि फर्जी खातों से पैसा मिनोचा फर्नीचर फर्म के लोगों के खातों में भेजा गया।

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