रक्षा मंत्रालय खरीदना चाहता है एचएमटी की ढाई सौ करोड़ की जमीन, दो अन्य मंत्रालय भी इच्छुक
एचएमटी प्रबंधन की 45.62 एकड़ जमीन खरीदने के लिए तीन बार टेंडर होने के बाद भी कोई आगे नहीं आया है। हालांकि रक्षा मंत्रालय समेत दो अन्य मंत्रालय जमीन खरीदने के लिए प्रयासरत हैं। जमीन की कीमत लगभग ढाई सौ करोड़ रुपये है।
वर्ष 1985 में शुरू हुई एचएमटी फैक्ट्री की स्थापना के लिए वन विभाग और राज्य सरकार ने लीज पर जमीन दी थी। रविवार को प्रशासन की टीम ने रानीबाग पहुंचकर अमृतपुर और जंतुआल गांव स्थित 13.5 एकड़ भूमि कब्जे में ले ली थी।
वन विभाग ने भी अपनी 33 एकड़ जमीन वापस ले ली। फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 45 एकड़) एचएमटी प्रबंधन ने खुद खरीदा था। 22 मार्च 2019 को एचएमटी फैक्ट्री पर ताला जड़ दिया गया था।
एचएमटी प्रबंधन ने अपनी 45.62 एकड़ जमीन के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) ने बेचने के लिए ई टेंडर निकाले थे। तीन बार टेंडर होने के बाद भी जमीन खरीद में किसी ने रुचि नहीं दिखाई। सूत्रों की मानें तो रक्षा मंत्रालय समेत दो अन्य मंत्रालय के लोग एनबीसीसी के उच्चाधिकारियों से जमीन खरीद के लिए बात कर रहे हैं।